देश -विदेश
वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से आपातकालीन बैठक बुलाने की औपचारिक अपील की है। सरकार का आरोप है कि देश की संप्रभुता और आंतरिक स्थिरता को बाहरी हस्तक्षेप व “भू-राजनीतिक दबाव” से गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। विदेश मंत्री ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में परिषद के अध्यक्ष को पत्र सौंपते हुए कहा कि मौजूदा हालात “क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा के लिए व्यापक परिणाम” ला सकते हैं, इसलिए परिषद को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
बीजिंग और मॉस्को की ओर देखता काराकस:
काराकस ने सार्वजनिक रूप से चीन और रूस से कूटनीतिक समर्थन की मांग तेज कर दी है। वेनेजुएला चाहता है कि दोनों स्थायी सदस्य UNSC में उसके पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाएं और बैठक बुलाने के प्रस्ताव का समर्थन करें। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि वेनेजुएला “बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले साझेदारों” से अपेक्षा करता है कि वे “एकतरफा प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव” के खिलाफ खुलकर साथ दें। चीन और रूस के साथ ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक सहयोग पहले से ही रणनीतिक स्तर पर मजबूत रहा है, जिसे अब परिषद में समर्थन में तब्दील करने की कोशिश तेज हो गई है।
वैश्विक राजनीति में बढ़ता तनाव:
विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला की यह अपील लैटिन अमेरिका में गहराते भू-राजनीतिक विभाजन का नया संकेत है। अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों, विपक्ष-सरकार के बीच खींचतान और आर्थिक संकट के बीच UNSC बैठक की मांग अंतरराष्ट्रीय मंच पर टकराव बढ़ा सकती है। संयुक्त राष्ट्र के सूत्रों के मुताबिक, परिषद के सदस्य इस पत्र पर अनौपचारिक चर्चा कर रहे हैं, लेकिन बैठक बुलाने के लिए न्यूनतम 9 सदस्यों के समर्थन और किसी स्थायी सदस्य के वीटो-रहित सहमति की आवश्यकता होगी। आने वाले 72 घंटों में इस मुद्दे पर परिषद में औपचारिक हलचल तेज होने की संभावना है।
ख़बरें और भी…


