बेमेतरा/छत्तीसगढ़
धान खरीदी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने जिला प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के दौरान लिमिट तय किए जाने के बाद किसानों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर बेमेतरा जिले में कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस किसान मोर्चा ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिले की सभी 129 सेवा सहकारी समितियों में प्रतीकात्मक तालाबंदी कर प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि धान खरीदी की लिमिट नहीं बढ़ाई गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों का धान अधिक मात्रा में समितियों में पहुंच रहा है, लेकिन बफर लिमिट पूरी होने के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है। परिवहन की रफ्तार धीमी होने से धान का स्टॉक बढ़ गया है। इससे किसानों को कई बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे वे भारी परेशानी झेल रहे हैं।
पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में तय लिमिट के तहत बचे हुए दिनों में धान खरीदी संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि समितियों में धान खरीदी की लिमिट कम से कम 3500 क्विंटल तक बढ़ाई जाए, क्योंकि वर्तमान में लिमिट बढ़ोतरी केवल 300 क्विंटल की गई है, जो नाकाफी साबित हो रही है। कांग्रेस ने जिला प्रशासन को 7 दिन की मोहलत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में धान खरीदी लिमिट नहीं बढ़ाई गई, तो जिलेभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बेमेतरा जिले की 129 समितियों में अब तक करीब 3 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। लेकिन लिमिट और परिवहन की समस्या के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है, वहीं किसान अपनी उपज बेचने को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
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