रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
- 16 से 24 दिसंबर तक प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘वीर बाल दिवस’
- 26 दिसंबर को सभी स्कूलों में होंगे रचनात्मक व शैक्षणिक कार्यक्रम
- मुख्यमंत्री ने बच्चों को राष्ट्र के सशक्त भविष्य की नींव बताया
मुख्यमंत्री की सहभागिता और संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीर बाल रैली कार्यक्रम में शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि वीर बाल दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को साहस, त्याग और देशभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल का भारत हैं, और उनमें बचपन से ही वीरता व नैतिक साहस के संस्कार विकसित करना समाज और राष्ट्र दोनों के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से कार्यक्रम का माहौल प्रेरणादायी और भावनात्मक रहा, जहां बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
वीर बाल दिवस: उद्देश्य और गतिविधियां
स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य शासन ने पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी वीर बाल दिवस को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार 16 से 24 दिसंबर, 2024 तक प्रदेशभर में ‘वीर बाल दिवस’ के अंतर्गत विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को इतिहास के उन वीर बालकों के बलिदान से परिचित कराना है, जिन्होंने कम उम्र में ही अद्भुत साहस का परिचय दिया और राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
26 दिसंबर को स्कूलों में विशेष आयोजन
26 दिसंबर को प्रदेश की सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में चित्रकारी, निबंध लेखन, कहानी सुनाना, कविता पाठ, वाद-विवाद, डिजिटल प्रस्तुतियां और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राएं अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ वीरता, देशप्रेम और सामाजिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें संवेदनशील, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।


