स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स
हाई ग्रेड जी-6 कोयले में घटिया कोयला मिलाने का खुलासा
पुलिस ने दो ट्रेलर और संदिग्ध कोयला जब्त किया
शिकायतकर्ता कारोबारी को दी गई जान से मारने की धमकी
रंगदारी और दबाव बनाने वाला आरोपी भी गिरफ्तार
खनिज विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
जिले में लंबे समय से चल रहे कोयला मिक्सिंग, चोरी और अफरातफरी के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोल डिपो संचालक राम कुमार आर्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर हाई ग्रेड कोयले में निम्न गुणवत्ता का कोयला मिलाकर उद्योगों को सप्लाई करने का आरोप है। वहीं शिकायतकर्ता कारोबारी को धमकी देकर केस वापस लेने का दबाव बनाने वाले आरोपी अश्वनी कुमार साहू को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूरा मामला हिर्री थाना क्षेत्र का है।,टीआई दामोदर मिश्रा के मुताबिक पेंड्रा निवासी कारोबारी आशीष केशरी एसईसीएल से कोयला परिवहन और लिफ्टिंग का कार्य करता है। रामपुर खदान से जी-6 श्रेणी का उच्च गुणवत्ता वाला कोयला दो ट्रेलरों में लोड कर ब्रज आयरन एंड स्टील लिमिटेड डिघोरा भेजा गया था। दस्तावेजों में कोयले की गुणवत्ता 5500 से 5800 जीसीवी दर्ज थी।
प्लांट पहुंचते ही खुली मिलावट की पोल
जब कोयले का लैब परीक्षण कराया गया तो रिपोर्ट में गुणवत्ता केवल 4203 और 4220 जीसीवी निकली। इससे स्पष्ट हो गया कि रास्ते में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में निम्न स्तर का कोयला मिलाया गया था।,कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू की और ट्रेलर चालकों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि हिर्री क्षेत्र स्थित एक कोल डिपो में कोयले की मिक्सिंग की गई थी।
लंबे समय से चल रहा था खेल
शिकायत मिलने के बाद हिर्री पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डिपो का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर संदिग्ध कोयले की सैंपलिंग कराई और दोनों ट्रेलर जब्त कर लिए।,जांच के दौरान कोल डिपो संचालक राम कुमार आर्य की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से कोयले की चोरी और मिक्सिंग के अवैध कारोबार में सक्रिय था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शिकायत के बाद कारोबारी को धमकी
मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद शिकायतकर्ता कारोबारी पर दबाव बनाया गया। उसे केस वापस लेने और चुप रहने के लिए धमकियां दी गईं। शिकायत नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी तक दी गई।,हिर्री थाना में दर्ज दूसरे मामले में पुलिस ने रंगदारी और धमकी देने के आरोप में अश्वनी कुमार साहू निवासी केशला बिल्हा को गिरफ्तार किया है।
कोयला कारोबारियों के कहने पर दी धमकी
एसएसपी रजनेश सिंह और एएसपी मधुलिका सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह एक ट्रांसपोर्टर का भाई है और कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के कहने पर शिकायतकर्ता को धमकाने गया था।
खनिज विभाग की भूमिका पर सवाल
बिलासपुर में कोयले की अफरातफरी और मिक्सिंग का नेटवर्क लंबे समय से संचालित होने की चर्चा रही है। जानकारों का आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।,कोल डिपो की जांच और लाइसेंसिंग की जिम्मेदारी खनिज विभाग पर है, लेकिन आरोप है कि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। इसी का फायदा उठाकर कोयला माफिया हाई ग्रेड कोयले की हेराफेरी कर करोड़ों का खेल कर रहे हैं।
क्यों गंभीर है यह मामला?
उद्योगों को गुणवत्ता से समझौता कर आर्थिक नुकसान
सरकारी राजस्व को संभावित हानि
खदान से लेकर डिपो तक संगठित नेटवर्क की आशंका
कोयला परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल


