रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ‘विज़न 2047’ के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है। 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली के कारण कांग्रेस पहले दिन की विधानसभा कार्यवाही का बहिष्कार करेगी। विपक्ष 15–17 दिसंबर के बीच धान खरीदी, किसान आत्महत्या और बस्तर में जंगल कटाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
बैठक के बाद महंत के तीखे तेवर, सरकार पर झूठ और कुप्रबंधन के आरोप
कांग्रेस विधायक दल की बैठक समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश सरकार पर कई तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस की देशव्यापी ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली आयोजित होने जा रही है, जबकि इसी दिन विधानसभा सत्र भी प्रारंभ हो रहा है। इस वजह से कांग्रेस पहले दिन की कार्यवाही में शामिल नहीं होगी। महंत ने सरकार के विज़न 2047 दस्तावेज़ को “पूरी तरह झूठ और भ्रम फैलाने वाला” करार दिया और कहा कि उसमें छत्तीसगढ़ के किसानों, आम लोगों और माटी के लिए कोई ठोस नीति नहीं दिखाई देती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या और चाकूबाजी की घटनाएँ बढ़ रही हैं, किसान धान खरीदी के लिए टोकन के अभाव में परेशान हैं और बिजली बिल व जमीन गाइडलाइन दर में वृद्धि से जनता बोझ महसूस कर रही है, पर सरकार इन मुद्दों पर मौन है। एक वरिष्ठ शिक्षक ने स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “गाँवों में किसान लगातार टोकन की समस्या से जूझ रहे हैं, पर समाधान कहीं नहीं दिख रहा।
15–17 दिसंबर तक विपक्ष का प्रहार, कई मुद्दों पर सरकार घिरेगी
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में एक के बाद एक बड़े मुद्दे उठाने वाली है। किसान आत्महत्या, धान खरीदी में अव्यवस्था, बस्तर में उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए जंगल कटाई, और कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति जैसे विषयों पर विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा। महंत ने दावा किया कि जनता इन सवालों के जवाब चाहती है और कांग्रेस इनकी आवाज को विधानसभा में और बुलंद करेगी। एक स्थानीय नागरिक ने कहा, “बस्तर में जंगल कट रहे हैं और लोगों की चिंताएँ बढ़ रही हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
दो साल पूरे, पर नई योजनाएँ नहीं—महंत का आरोप
सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर महंत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस अवधि में एक भी नई योजना शुरू नहीं की गई। विकास के मोर्चे पर भी कोई ठोस काम दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने दावा किया कि किसानों की समस्याएँ जस की तस हैं और कई स्थानों पर टोकन मिलने के बावजूद धान खरीदी अभी तक शुरू नहीं हुई, जिससे किसानों का आक्रोश बढ़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि वह विधानसभा में जनता की हर जमीनी समस्या को मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब की मांग करेगी। एक कृषि अधिकारी ने माना कि “कुछ केंद्रों पर खरीदी में देरी हुई है, लेकिन प्रक्रिया को सुचारु करने के प्रयास जारी हैं।
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