दुर्ग/छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
दुर्ग पुलिस ने प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई में जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 दिसंबर को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल दस आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि पुलिस नेटवर्क की आगे की कड़ियों की भी जांच कर रही है।
अवैध दवा सप्लाई के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई
दुर्ग जिले में प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 18 नवंबर को मोहन नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दुर्ग, भिलाई और नागपुर में दबिश देकर सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान सामने आया कि यह नेटवर्क प्रदेश के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर से भी प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई करता था, जिसके चलते पुलिस ने राज्यों के पार जाकर भी इनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी।

9 दिसंबर को तीन और आरोपी गिरफ्त में, सभी जेल भेजे गए
मोहन नगर पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई थी। इसी क्रम में पुलिस ने 9 दिसंबर को तीन और व्यक्तियों—सुरेन्द्र सिंह गर्ग (34) निवासी उरला, राजा पराशर (29) निवासी सिकोलाभाठा, और प्रदीप कौशल (22) निवासी गैदी डबरी, मोहन नगर—को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये सभी आरोपी प्रतिबंधित दवाओं की स्थानीय स्तर पर बिक्री में सक्रिय थे। तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि “यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और कई जिलों तक फैला हुआ था, इसलिए हर कड़ी को जोड़कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।”
बाहरी राज्यों से आती थीं प्रतिबंधित दवाएं
जांच के दौरान यह सामने आया है कि आरोपियों का गिरोह दूसरे राज्यों से प्रतिबंधित दवाएं खरीदकर उन्हें दुर्ग और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। पुलिस ने मुख्य सरगना को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और अब यह जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे तथा सप्लाई चेन कितनी दूर तक फैली हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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