राजिम /छत्तीसगढ़
हाइलाइट
अभाविप इकाई, गोबरा नवापारा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाते हुए उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में युवा कार्यकर्ताओं ने एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दोहराया।
नवापारा राजिम। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) इकाई, गोबरा नवापारा द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया गया। नगर के चंपारण चौक में स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीपक साहू ने कहा, “अंबेडकर जी ने सिर्फ एक वर्ग नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए समान अधिकारों की नींव रखी। उनका मार्गदर्शन आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
अभाविप पदाधिकारियों ने बताया कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय समाज को स्वतंत्रता, समानता और बंधुता का मजबूत आधार दिया। संविधान निर्माण में उनकी भूमिका सिर्फ विधि-निर्माता की नहीं बल्कि एक सामाजिक सुधारक की थी। वक्ताओं ने कहा कि उनका संदेश— “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”— समाज को एकजुट करने का मार्ग दिखाता है। नगर सह मंत्री दीपेश सेन ने कहा कि आज की पीढ़ी को अंबेडकर की शिक्षा और विचारों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।
समता और सामाजिक सौहार्द के इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन “भारत माता की जय”, “छत्तीसगढ़ महतारी की जय”, “वंदे मातरम्” और “डॉ. भीमराव अंबेडकर अमर रहें” जैसे जोशीले नारों के साथ हुआ। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष अभिषेक कंसारी, नगर एसएफएस प्रमुख आयुष रजक, खेलो भारत प्रमुख धर्मेंद्र साहू, नगर कार्यकारिणी सदस्य सोम निर्मलकर, प्रेम साहू, जगमोहन साहू और श्लोक शर्मा सहित अभाविप के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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