रायपुर / छत्तीसगढ़
रायपुर के मायाराम सुरजन हॉल में 29 नवंबर की संगीतमय शाम भाव , समर्पण और सुरों की अनोखी संगति से भर उठी । 18 अनुभवी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया—खासकर “ये कहाँ आ गए हम” गीत की दमदार प्रस्तुति ने पूरे हॉल में मंत्रमुग्ध कर दिया ।
संगीत , समर्पण और संवेदना—एक ही मंच पर उमड़ा सुरों का जादू रायपुर के रजबंधा मैदान स्थित मायाराम सुरजन हॉल में शुक्रवार की शाम एवरग्रीन म्यूजिकल ग्रुप ने अपनी विशेष गायन प्रस्तुति से ऐसा माहौल बना दिया , जिसे श्रोता देर रात 11 बजे तक लगातार सराहते रहे । कार्यक्रम का निर्देशन आयकर सलाहकार ललित चौरसिया द्वारा किया गया , जबकि वरिष्ठ समाजसेवी और प्रसिद्ध मंच संचालन विशेषज्ञ लक्ष्मीनारायण लाहोटी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति और विशेष संचालन से संध्या को यादगार बना दिया । आयोजन के संयोजक संजय सिंह की पहल पर तैयार हुई यह भव्य संध्या नगर के संगीत प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रही । मंच पर 18 श्रेष्ठ और अनुभवी गायकों ने भावपूर्ण , सुरीली और रूहानी प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को सुरमय कर दिया ।
जब “ये कहाँ आ गए हम” ने बांधा समां—अमिताभ की डायलॉग डिलीवरी बनी खास आकर्षण कार्यक्रम के सयोजक संजय सिंह ने बताया कि आज के कार्यक्रम की खास प्रस्तुति उनका मनपसंद गीत “ये कहाँ आ गए हम” रहा , जिसमें अमिताभ बच्चन के संवादों की गूँज ने पूरे हॉल में जादुई असर पैदा कर दिया । उन्होंने कहा—“अमिताभ जी की डायलॉग डिलीवरी हिंदी सिनेमा की धरोहर है , और उसी प्रभाव को मंच पर जीवंत करने के लिए हमने विशेष रूप से भूषण राव जी को आमंत्रित किया था ।” पंचमी शेंद्रे और भूषण राव ने इस गीत को इतनी सलीके , भाव और नज़ाकत से प्रस्तुत किया कि दर्शक देर तक तालियाँ बजाते रहे । संजय सिंह ने कहा कि “जिस उम्मीद से भूषण राव को बुलाया था , उन्होंने उससे कहीं बेहतर प्रदर्शन किया । श्रोताओं ने भी इसे भरपूर सराहा ।”
18 कलाकारों ने दी सुरों की अविरल धारा कार्यक्रम में मंच पर अपनी चमक बिखेरने वाले कलाकार थे— संजय सिंह , हेमंत कुमार , अतिक रहमान , एन.जे. राव , राजेश रामटेके , पवन मंडावी , राम बंजारे , संजय भावालकर , अरुण बागडे , ज्योति पाटिल , उषा राव , पंचमी शेंद्रे , किट्टू सिन्हा , शिरिशा , रूपा मंडावी , जया रामटेके और निनू बागडे । इन सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने संगीत प्रेमियों को पुरानी यादों और मधुर स्वरों से भरपूर अनुभव दिया । वरिष्ठ मंच संचालक ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया , जिससे कार्यक्रम की शोभा और बढ़ गई ।
शहर के साहित्य , कला और समाज जगत की गरिमामयी उपस्थिति संध्या की शोभा बढ़ाने प्रमुख श्रोतागण रहे— घनश्याम शर्मा , कृष्णा शेषगिरी ,करुण सरोज , रितु प्रजापति , दीपिका वैष्णव , अन्नपूर्णा शर्मा , कय्यूम भाई , इकबाल भाई , दुबे जी सहित कई अन्य प्रतिष्ठित नागरिक । इन सबकी उपस्थिति से आयोजन और भी सार्थक एवं यादगार बन गया ।
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