रायपुर/स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल न्यूज़ डेस्क
धनतेरस के शुभ अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जीएसटी बचत उत्सव” शुरू होने के बाद से बाजारों में रौनक लौटी है और 350 से अधिक वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है। ऐसे समय में नागरिक स्वदेशी उत्पाद खरीदकर न केवल अपनी बचत करें, बल्कि स्थानीय व्यापारियों की दिवाली भी रोशन करें।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि विदेशी सामान की बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे छोटे व्यापारियों एवं कारीगरों को आर्थिक संबल मिल सके।
नक्सल मुद्दे पर बड़ा बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर में हुए नक्सलियों के “ऐतिहासिक आत्मसमर्पण” को एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य एवं केंद्र की दृढ़ नीति का परिणाम है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आत्मसमर्पण की सराहना पर प्रतिक्रिया देते हुए साव ने कहा:
“हम धन्यवाद देते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पहल की तारीफ की, लेकिन वे स्पष्ट करें कि यह उनका निजी मत है या कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक स्टैंड? क्योंकि उनके प्रदेश अध्यक्ष तो कुछ और ही बयान दे रहे हैं।”
कांग्रेस शासन पर हमला
अरुण साव ने आरोप लगाया कि 2018 से पहले नक्सलवाद सीमित क्षेत्रों में था, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि सरगुजा जैसे इलाकों को भाजपा सरकार ने नक्सलमुक्त किया था और अब अबूझमाड़ जैसे कठिन क्षेत्रों से भी नक्सली प्रभाव खत्म हो रहा है।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयास से छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त करेंगे,” साव ने कहा।
त्योहार पर आर्थिक और सामाजिक संदेश
धनतेरस के अवसर पर अरुण साव का संदेश केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और शांति स्थापित करने की दिशा में एकजुटता की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद न केवल व्यापारियों बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
हाइलाइट बॉक्स
स्वदेशी अपनाने की अपील
– 350 से अधिक वस्तुओं पर कीमतों में कमी
– स्थानीय व्यापारियों की दिवाली रोशन करने का आग्रह
नक्सल मुद्दे पर सख्त रुख
– ऐतिहासिक आत्मसमर्पण का दावा
– कांग्रेस पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप
– “यह पार्टी का स्टैंड है या निजी मत?” भूपेश बघेल पर सवाल


