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Wednesday, February 11, 2026

बाल संरक्षण पर कलेक्टर की सख्त समीक्षा: जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी तेज…

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जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें बाल संरक्षण से जुड़ी सभी गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले को बाल विवाह मुक्त बनाना, बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किशोर न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना था।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्ष 2025-26 के लिए राज्य द्वारा निर्धारित 40 प्रतिशत बाल विवाह मुक्त लक्ष्य को गंभीरता से साधने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिले में अब तक कोई बाल विवाह प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है, फिर भी निगरानी में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

किशोर न्याय प्रकरणों का त्वरित निराकरण आवश्यक

बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि किशोर न्याय बोर्ड में 237 तथा बाल कल्याण समिति में 118 प्रकरण लंबित हैं। कलेक्टर ने लंबित मामलों के शीघ्र एवं संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए और प्रक्रिया को गति देने पर बल दिया।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की स्थिति

पिछले तीन महीनों में 1098 हेल्पलाइन पर 42 कॉल्स प्राप्त हुईं, जिनमें से 13 मामलों को रजिस्टर्ड किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्यवाही और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा शीघ्र उपलब्ध होगी

कलेक्टर ने किशोर न्याय बोर्ड में स्थापित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेट को बाल सम्प्रेक्षण गृह में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया, ताकि बालकों को न्यायिक प्रस्तुतियों हेतु अन्य जिलों में न भेजना पड़े और ऑनलाइन कार्यवाही सुचारु रूप से हो सके।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर चाइल्ड हेल्प डेस्क

शासन निर्देशों के अनुसार जिले के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर चाइल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना हेतु उपयुक्त स्थल चिन्हित कर जल्द कार्रवाई प्रारंभ करने के आदेश दिए गए।

नाबालिगों में नशा प्रवृत्ति पर चिंता

कलेक्टर ने नाबालिग बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की और नशामुक्ति केंद्र की स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

बालगृह एवं योजनाओं की समीक्षा

महिला एवं बाल विकास अधिकारी जाम्बुलकर ने बताया कि जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय बालगृहों, विशेष गृहों, दत्तक एजेंसी एवं आश्रय गृहों में कुल 108 बालक-बालिकाएं निवासरत हैं। कलेक्टर ने इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री बाल उदय योजना का लाभ 18 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों को शीघ्र उपलब्ध कराने पर बल दिया। अब तक शेख शहबाज अंसारी को योजना का लाभ दिया जा चुका है।

सखी वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा

सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रगति पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिया कि मानसिक रूप से विक्षिप्त महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार उन्हें ग्राम सेंदरी मानसिक चिकित्सालय भेजा जाए।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – कलेक्टर का स्पष्ट संदेश

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि “बाल एवं महिला कल्याण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी”, और प्रत्येक स्तर पर दायित्व बोध के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, नगर निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल, परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल, एएसपी पदमश्री तवर, तथा जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

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