स्वतंत्र छत्तीसगढ़
नई दिल्ली, 10 सितम्बर 2025 – महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार राधाकृष्णन ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को पराजित किया।
यह चुनाव उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद आवश्यक हुआ था। मंगलवार, 9 सितम्बर को हुए मतदान में कुल 767 वोट पड़े, जिनमें से 752 वैध और 15 अवैध घोषित हुए। रिटर्निंग ऑफिसर व राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी ने घोषणा की कि एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी प्रत्याशी रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जीत की बधाई देते हुए कहा,
“थिरु सी.पी. राधाकृष्णन जी का जीवन समाज सेवा और वंचित वर्गों के उत्थान को समर्पित रहा है। मुझे विश्वास है कि वे हमारे संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करेंगे और संसदीय संवाद को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”
कौन हैं सी.पी. राधाकृष्णन?
- जन्म एवं शिक्षा: 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्म। उन्होंने बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की।
- राजनीतिक शुरुआत: 16 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने।
- भाजपा नेतृत्व: 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 93 दिनों में 19,000 किमी लंबी ‘रथ यात्रा’ निकाली, जिसमें नदियों के एकीकरण, समान नागरिक संहिता, आतंकवाद-निरोध, अस्पृश्यता उन्मूलन और नशे के खिलाफ कानून की मांग उठाई।
संसदीय जीवन
- कोयंबटूर से दो बार भाजपा के लोकसभा सांसद रहे।
- लोकसभा में कपड़ा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे।
- सार्वजनिक उपक्रम समिति, वित्त संबंधी परामर्श समिति और स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच करने वाली विशेष समिति के भी सदस्य रहे।
- 2004 में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया।
संवैधानिक पदों पर कार्यकाल
- झारखंड के राज्यपाल: महाराष्ट्र जाने से पहले डेढ़ वर्ष तक झारखंड के राज्यपाल रहे।
- महाराष्ट्र के राज्यपाल: 31 जुलाई 2024 से इस पद पर कार्यरत रहे और अब उपराष्ट्रपति चुने गए।
सामाजिक एवं राजनीतिक पृष्ठभूमि
- राधाकृष्णन तमिलनाडु की ओबीसी गौंडर जाति से आते हैं, जो राज्य की राजनीति में प्रभावशाली है।
- यह जाति तमिलनाडु की प्रमुख पार्टी अन्नाद्रमुक (AIADMK) से भी जुड़ी रही है। अन्नाद्रमुक प्रमुख ई. पलानीस्वामी भी इसी समुदाय से आते हैं।
- उन्होंने यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के अनेक देशों की यात्राएं की हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, नॉर्वे, स्वीडन, चीन, जापान, सिंगापुर और यूएई शामिल हैं।
राजनीतिक महत्व
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राधाकृष्णन की उम्मीदवारी भाजपा की समावेशिता और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति को दर्शाती है। उनकी पृष्ठभूमि दक्षिण भारत के सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण मानी जाती है। सी.पी. राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति चुना जाना न केवल भाजपा की वैचारिक जड़ों की स्वीकृति है बल्कि संसदीय परंपराओं को और मजबूत करने की दिशा में एक नया अध्याय भी माना जा रहा है।
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