धमतरी: 04 जुलाई 2025 (भुषण)
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित प्राथमिक शाला नाथूकोन्हा में शिक्षा व्यवस्था की अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन स्कूल में सिर्फ 3 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और तीनों कक्षा पहली के हैं।
इन बच्चों को पढ़ाने के लिए एक प्रधान शिक्षक और एक सहायक शिक्षक नियुक्त हैं, जिन पर शिक्षा विभाग हर साल लगभग 10 से 12 लाख रुपए खर्च कर रहा है। इसके अतिरिक्त मध्यान्ह भोजन, स्टेशनरी, रखरखाव, बिजली-पानी जैसे अन्य खर्च भी हैं।
स्कूल के प्रधान पाठक ईश्वर लाल नेताम के अनुसार, गांव में बच्चों की संख्या बहुत कम है, जिस कारण स्कूल में सिर्फ तीन छात्र हैं। पिछले सत्र में यहां 6 विद्यार्थी थे। आंगनबाड़ी की बिल्डिंग नहीं होने से आंगनबाड़ी भी इसी स्कूल भवन में संचालित हो रही है।
गांव के सरपंच अकबर मंडावी ने बताया कि गांव की आबादी करीब 150 है, लेकिन छोटे बच्चों की संख्या बेहद कम है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी टीआर जगदल्ले ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देश अनुसार वनांचल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर भी शिक्षक नियुक्त रहेंगे।
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