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बाहुबली आनंद मोहन 16 साल बाद जेल से रिहा:सुबह 4 बजे हुई रिहाई; डीएम की हत्या केस में हुई थी उम्रकैद…

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बिहार : 27 अप्रैल 2023

बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह को गुरुवार सुबह 4 बजे ही सहरसा जेल से रिहा कर दिया गया। बताया जा रहा है कि भीड़ जमा होने की आशंका की वजह से यह रिहाई कर दी गई। इसके लिए रात में ही सारी कागजी प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी। डीएम जी कृष्णैया की हत्या के केस में उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी। 16 साल बाद उनकी रिहाई हुई है।

26 अप्रैल को उन्होंने 15 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद सरेंडर किया था। पैरोल सरेंडर होते ही जेल में रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। वहीं, बाहुबली आनंद की रिहाई को भव्य बनाने की तैयारी है। जेल से बाहर निकलने के बाद वे 15 से 20 किमी तक रोड शो भी करेंगे।

जानें आनंद मोहन की रिहाई के बाद का पूरा कार्यक्रम…

आनंद मोहन सबसे पहले नगरपालिका चौक स्थित अपने कार्यालय जाएंगे। यहां फ्रेंड्स ऑफ आनंद की तरफ से उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद उनका काफिला पैतृक गांव पंचगछिया की ओर बढ़ेगा। इस दौरान जगह-जगह उनके स्वागत की तैयारी की गई है।

आनंद मोहन का रोड शो उनके गांव पंचगछिया के मां भद्र काली मंदिर परिसर में समाप्त होगा। यहां बाबा राम ठाकुर मैदान में दिन के 2 बजे उनका नागरिक अभिनंदन समारोह रखा गया है। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

जानकारी के मुताबिक, इसमें महागठबंधन के बड़े नेता भी शामिल हो सकते हैं। चर्चा जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के भी पहुंचने की भी है।

नीतीश सरकार ने गलत उदाहरण पेश किया- डीएम की बेटी

आनंद मोहन की रिहाई पर डीएम जी कृष्णैया की बेटी पदमा ने नाराजगी जताई है। हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को अपने इस फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए। सरकार ने एक गलत उदाहरण पेश किया है। ये सिर्फ एक परिवार के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि देश के साथ अन्याय है। उनकी बेटी ने रिहाई के खिलाफ अपील करने की भी बात कही है।

आनंद मोहन की रिहाई के विरोध में उतरा IAS एसोसिएशन

गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या में बाहुबली आनंद मोहन की रिहाई से बिहार की ब्यूरोक्रेसी में खलबली है। IAS एसोसिएशन भी विरोध में उतर आया है।

वहीं, जी कृष्णैया की पत्नी उमा सदमे में हैं। वह कहती हैं- ऐसा वोट बैंक की राजनीति के लिए किया जा रहा है। वह रिहाई को खुद के साथ अन्याय बताती हैं। पहले दोषी को फांसी की सजा हुई थी, फिर उसे उम्रकैद में बदल दिया गया। अब सरकार उसकी रिहाई करा रही है। ये बिल्कुल सही नहीं है।

आनंद मोहन ने खुद लिया तैयारियों का जायजा :

जेल में पैरोल सरेंडर करने से पहले आनंद मोहन ने खुद पूरे दिन तैयारियों का जायजा लिया। बुधवार को वे सबसे पहले नगरपालिका चौक स्थित कार्यालय पहुंचे और फ्रेंड्स ऑफ आनंद के समर्थकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने वहां की तैयारियों को देखा। यहां से निकलने के बाद वे दोपहर 2 बजे अपने गांव पंचगछिया पहुंचे। मां भद्र काली के मंदिर में मत्था टेका और तैयारियों की समीक्षा। इसके बाद वे 4.20 बजे जेल जाने के लिए रवाना हुए।

जेल में सामान से लेकर पेट्स तक आएंगे बाहर:

जेल सूत्रों के मुताबिक, आनंद मोहन का जेल में काफी सामान है। फ्रिज,टीवी, वाशिंग मशीन, जिम एक्सेसरीज से लेकर अन्य सामान्य हैं। जिसे बाहर निकाला जाएगा।
200 से 300 किताबों की उनकी एक लाइब्रेरी भी है। किताबों को जेल लाइब्रेरी को ही डोनेट करने की बात की जा रही है। इसके अलावा आनंद मोहन के पेट्स भी जेल के अंदर हैं जो उनके साथ ही आजाद हो जाएंगे।

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