केशवपुर विद्यालय में विकास कार्यों की राशि के कथित दुरुपयोग और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला; न्यायालय के आदेश पर मणिपुर थाने में FIR, पुलिस जांच जारी।
अम्बिकापुर, विशेष रिपोर्ट।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अम्बिकापुर स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, केशवपुर में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विद्यालय परिसर में तीन विकास कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें गार्डन सौंदर्यीकरण एवं सीसी रोड निर्माण के लिए 33 लाख 24 हजार रुपये, प्रधान पाठक कक्ष, प्रसाधन एवं बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 49 लाख 57 हजार रुपये तथा प्रवेश द्वार और पार्किंग शेड निर्माण के लिए 49 लाख 52 हजार रुपये निर्धारित थे। इस मामले में अम्बिकापुर निवासी अभय नारायण पाण्डेय की ओर से अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया था। विवरण के मुताबिक, न्यायाधीश गुलापन राम यादव ने 8 अक्टूबर 2026 को मणिपुर थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने 24 अक्टूबर 2026 को अपराध क्रमांक 180/2026 के तहत तत्कालीन जनपद पंचायत अम्बिकापुर के CEO सहित नौ आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज की।

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि विकास कार्यों की प्रक्रिया में कथित तौर पर GeM पोर्टल पर फर्जी आईडी, फर्जी बिल-वाउचर और कूटरचित मूल्यांकन प्रतिवेदन का इस्तेमाल किया गया। आरोप के अनुसार, आवश्यक प्रशासकीय स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना 1 अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन के पक्ष में RTGS के माध्यम से 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भुगतान किया गया। मामले में जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण के दौरान स्वीकृत कार्यों से संबंधित निर्माण मौके पर नहीं पाया गया। इसी आधार पर वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201, 120-बी और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, दस्तावेजों की कूटरचना, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोप शामिल हैं।
इस मामले में नामजद आरोपियों में तत्कालीन जनपद पंचायत CEO सुरेश्वर नाथ तिवारी के अलावा विवेक प्रताप सिंह राठौर, उपेन्द्र सिंह सेंगर, शैलेन्द्र मिश्रा, राम प्रकाश यादव, इम्तियाज सिंह, सुयश अग्रवाल, अरविंद कुमार अग्रवाल तथा मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रेक्टर एंड सप्लायर्स शामिल हैं। पुलिस के समक्ष अब भुगतान से जुड़े दस्तावेजों, स्वीकृति प्रक्रिया, निर्माण कार्यों के रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करना प्रमुख चुनौती होगी। फिलहाल FIR दर्ज होना आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं है; मामले में आरोपियों की जिम्मेदारी और कथित वित्तीय नुकसान की वास्तविक स्थिति विस्तृत विवेचना तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। मणिपुर थाना पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा संभावित अन्य संलिप्त व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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