रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही वाले पुल पर गड्ढों और बाहर निकले सरियों से हादसों का खतरा, टोल वसूली के बीच रखरखाव व्यवस्था पर उठे सवाल |
Headlines:
- 16 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत के बाद भी चार महीने में सड़क खराब
- बारिश के बाद उभरे गड्ढे, बजरी डालकर की गई अस्थायी मरम्मत भी नाकाम
- कई जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ी, सरिये बाहर निकलने से जोखिम
- रायपुर-दुर्ग-भिलाई को जोड़ने वाले मार्ग से रोज गुजरते हैं करीब डेढ़ लाख वाहन
- मरम्मत की गुणवत्ता की जांच और जल्द सुधार की मांग
रायपुर। रायपुर-दुर्ग-भिलाई को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) पर स्थित कुम्हारी-खारुन नदी पुल की सड़क मरम्मत के महज चार महीने बाद ही खराब होने लगी है। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए मरम्मत कार्य के बावजूद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं। कई हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और सरिये बाहर निकलने की समस्या सामने आई है। इससे इस व्यस्त मार्ग पर सफर करने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, 25 और 26 सितंबर को हुई बारिश के बाद पुल पर गड्ढे दिखाई देने लगे। इन्हें भरने के लिए ठेकेदार की ओर से बजरी डाली गई, लेकिन वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण यह अस्थायी उपाय भी टिक नहीं पाया। बजरी उखड़ने के बाद गड्ढे फिर सामने आ गए। सड़क की मौजूदा स्थिति के कारण वाहन चालकों को गति कम करनी पड़ रही है और गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलनी पड़ सकती है।
35 साल पुराने पुल की मरम्मत के बाद गुणवत्ता पर सवाल
खारुन नदी पर बना यह पुल 35 साल से अधिक पुराना बताया जा रहा है। पुल में बेयरिंग और स्लैब से संबंधित समस्याओं के साथ भारी वाहनों के गुजरने पर कंपन की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत कराई गई थी। कार्य के दौरान 5 से 15 अप्रैल तक पुल पर यातायात बंद रखा गया था। इसके बाद आवागमन शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही महीनों में सड़क की स्थिति खराब होने से मरम्मत की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल उठने लगे हैं।
डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही, हादसों का खतरा
कुम्हारी-खारुन पुल रायपुर और दुर्ग-भिलाई के बीच यातायात की महत्वपूर्ण कड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां से प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर बने गड्ढे और बाहर निकले सरिये गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के संतुलन बिगड़ने, टायर क्षतिग्रस्त होने और गड्ढों से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाने पर पीछे से टक्कर होने की आशंका बनी रहती है।
टोल वसूली के बीच रखरखाव पर सवाल
कुम्हारी टोल प्लाजा पर वाहनों से नियमित टोल वसूला जा रहा है। ऐसे में वाहन चालकों के बीच सड़क के रखरखाव और सुरक्षित आवागमन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खबर में उल्लेखित टोल कर्मचारियों के अनुसार, उनका कार्य टोल वसूली तक सीमित है, जबकि पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी दूसरे ठेकेदार के पास है। ऐसे में संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क की स्थिति सुधारने तथा मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग उठ रही है।
मरम्मत की गुणवत्ता की जांच की मांग
शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन ने मरम्मत के कुछ ही महीनों बाद सड़क खराब होने को गंभीर मामला बताते हुए गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता जताई है। वहीं, संबंधित पक्ष की ओर से जल्द राहत देने के लिए मरम्मत के निर्देश दिए जाने और ठेकेदार द्वारा प्रक्रिया किए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल, वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे इस पुल से गुजरते समय गति नियंत्रित रखें, पर्याप्त दूरी बनाए रखें और गड्ढों के आसपास अचानक दिशा बदलने से बचें। स्थायी समाधान के लिए सड़क की तकनीकी जांच, मरम्मत की गुणवत्ता का आकलन और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
खबरें और भी…


