25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ सनातन धर्म का पवित्र चातुर्मास आरंभ होगा। भड़ली नवमी के बाद आने वाली इस एकादशी से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और अगले चार महीनों तक चातुर्मास का विशेष धार्मिक महत्व रहता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य सभी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल प्राप्त होता है। वहीं, गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस अवसर पर उन्हें कमल का फूल और मौसमी फल अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही पांच, सात, नौ या 11 कन्याओं का पूजन कर उन्हें हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद खिलाने की परंपरा है। भोजन के बाद श्रद्धानुसार उपहार और दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लेने से सुख-समृद्धि और मां सिद्धिदात्री की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, चार महीने तक बंद रहेंगे सभी मांगलिक कार्य…
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