बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पारिवारिक पेंशन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि पहली पत्नी के निधन के बाद दूसरी पत्नी को केवल दूसरे विवाह के आधार पर फैमिली पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि पेंशन सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा कल्याणकारी अधिकार है और इसकी व्याख्या उदारतापूर्वक की जानी चाहिए। हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के आदेश को निरस्त करते हुए दूसरी पत्नी अन्नपूर्णा पांडेय को 12 सप्ताह के भीतर फैमिली पेंशन, एरियर और अन्य सभी परिणामी लाभ देने के निर्देश दिए। अदालत ने यह भी माना कि जब विभाग पहले ही दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति दे चुका है और पहली पत्नी के निधन के बाद कोई अन्य वैध दावेदार नहीं बचा, तब पेंशन से इनकार करना न्यायसंगत नहीं है।
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