CHHATTISGARH
करोड़ों की जलप्रदाय योजना ठप, एक सप्ताह से हजारों ग्रामीण पानी के लिए परेशान, आंदोलन की चेतावनी
मुख्य बातें
- नौ महीने से वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने प्लांट संचालन बंद किया।
- सात गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित।
- जिला पंचायत सदस्य ने प्लांट का किया निरीक्षण।
- प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वेतन भुगतान और जलापूर्ति बहाल करने की मांग।
- समाधान नहीं होने पर धरना और चक्काजाम की चेतावनी।
बालोद। जिले के गुंडरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम खुरसुनी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित समूह जलप्रदाय योजना प्रशासनिक लापरवाही और कर्मचारियों के लंबित वेतन के कारण ठप हो गई है। पिछले नौ महीनों से वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने 10 जुलाई से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया है। इसका सीधा असर सात गांवों के हजारों ग्रामीणों पर पड़ा है, जो पिछले एक सप्ताह से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
सात गांवों में गहराया जल संकट
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से गोंडेला, खुरसुनी, देवसरा, देवरी, मोहंदीपाठ, चिरचार और बहमनी गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें वैकल्पिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। गर्मी और बारिश के मौसम में स्वच्छ पेयजल की कमी से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
जिला पंचायत सदस्य गुलशन चंद्राकर ने खुरसुनी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वेतन भुगतान नहीं होने से न केवल प्लांट का संचालन बंद है, बल्कि नियमित रखरखाव का कार्य भी प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों और ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से वेतन जारी करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने 17 जुलाई को जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में गुंडरदेही के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों का लंबित वेतन तत्काल जारी करने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को दोबारा शुरू कराने तथा सातों गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो वे लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान क्रांति भूषण साहू, भूपेंद्र साहू, पोषण देवांगन और पालेश्वर देशमुख सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यदि जल संकट का समाधान समय पर नहीं हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
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