स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेडलाइंस
- बिलासपुर में सिटी बस सेवा आर्थिक संकट से जूझ रही
- डीजल की कमी से कई रूटों पर बस संचालन प्रभावित
- प्रतिदिन करीब 8 हजार रुपए का हो रहा नुकसान
- ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारी, लेकिन निर्माण कार्य अटका
- हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शुरू हुई सेवा फिर संकट में
बिलासपुर। बिलासपुर की सिटी बस सेवा एक बार फिर गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आई दिक्कतों के कारण मंगलवार को शहर के कई रूटों पर बस सेवा प्रभावित रही। संचालन कर रही बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर संकट गहराने लगा है।
आय से ज्यादा खर्च, रोजाना हो रहा नुकसान
सोसायटी के नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी के अनुसार भीषण गर्मी के कारण यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आई है, जिससे आय प्रभावित हुई है। वर्तमान में 13 बसों के संचालन पर प्रतिदिन लगभग 53 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं, जबकि आय केवल 45 हजार रुपए तक सीमित है। इस वजह से रोजाना करीब 8 हजार रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। डीजल संकट के बावजूद 13 में से 10 बसों का संचालन किसी तरह जारी रखा गया।
इन रूटों पर चल रही हैं बसें
फिलहाल सिटी बस सेवा कोटा, तखतपुर, लमेर, बिल्हा, सीपत और बेलतरा रूट पर संचालित हो रही है। रेलवे स्टेशन से विभिन्न गंतव्यों तक किराया 40 से 55 रुपए तक निर्धारित किया गया है। शहर के भीतर मंदिर चौक, पुराना बस स्टैंड और अग्रसेन चौक तक 10 रुपए तथा नेहरू चौक तक 15 रुपए किराया लिया जा रहा है। आम यात्रियों को सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डीजल महंगा होने के बावजूद किराया नहीं बढ़ाया गया है।
डीजल खत्म होने से रुकी बसें
मंगलवार को नगर निगम के पेट्रोल पंप में डीजल खत्म होने के कारण कई बसों का संचालन प्रभावित हुआ। सुबह कोटा रूट की पहली बस समय पर नहीं निकल सकी। कुछ बसों में निजी पेट्रोल पंपों से डीजल भरवाकर संचालन किया गया, जबकि कम यात्रियों वाले रूटों की बसों को रोकना पड़ा। नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि तकनीकी कारणों से डीजल आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हुई थी, जिसे बाद में सामान्य कर लिया गया।
कोरोना काल के बाद लगातार संकट में सेवा
बिलासपुर की सिटी बस सेवा वर्ष 2015-16 में शुरू हुई थी, लेकिन शुरुआत से ही यह कई समस्याओं से जूझती रही। कोरोना काल के दौरान करीब ढाई वर्षों तक बसें डिपो में खड़ी रहीं, जिससे कई वाहन खराब हो गए। इसके बाद ऑपरेटर विवाद, तकनीकी खराबी और आर्थिक संकट के चलते सेवा बार-बार बाधित होती रही। जुलाई 2025 में हाईकोर्ट के निर्देश पर सेवा दोबारा शुरू हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद संचालन फिर प्रभावित हो गया।
ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारी
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत कोनी क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन, सिटी बस टर्मिनल और यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से अनुमति नहीं मिलने और भुगतान में देरी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव आर संगीता ने हाल ही में निरीक्षण कर 31 जुलाई तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का दावा है कि अगस्त से ई-बस सेवा शुरू की जा सकती है।
फिर बंद हो सकती है पूरी सेवा
लगातार बढ़ते घाटे और फंड की कमी के कारण सिटी बस सेवा का भविष्य एक बार फिर संकट में दिखाई दे रहा है। सोसायटी की आगामी बैठक में किराया बढ़ाने या अन्य विकल्पों पर फैसला लिया जा सकता है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
खबरें और भी…


