मौसम / छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स:
- कई जिलों में तापमान 44°C के पार
- बिलासपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा
- 10 जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी
- कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
- 2–3 दिन बाद तापमान में गिरावट के आसार
छत्तीसगढ़ में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है और सूरज की तीखी तपिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को “थर्ड डिग्री” जैसी गर्मी का अहसास हो रहा है। खासतौर पर रायपुर और दुर्ग संभाग में गर्मी का असर अधिक देखा जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में राहत मिल सकती है, जहां गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बिलासपुर रहा सबसे गर्म, तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, लेकिन गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रायपुर में 44.2 डिग्री, पेंड्रा रोड में 42.5 डिग्री, अंबिकापुर में 41.5 डिग्री और जगदलपुर में 38.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान के लिहाज से अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कई जिलों में हीटवेव अलर्ट, सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालौद, कबीरधाम और बेमेतरा समेत करीब 10 जिलों में लू का असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
इन जिलों में बारिश के आसार, मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार मनेंद्रगढ़, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, गरियाबंद, कोंडागांव और बस्तर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। यह बारिश भले ही सीमित क्षेत्रों में हो, लेकिन इससे लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण इलाकों में तापमान में गिरावट का असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है।
तापमान में गिरावट के संकेत, मौसम बदलेगा मिजाज
अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह बदलाव आंशिक राहत लेकर आएगा और मौसम का मिजाज थोड़ा नरम पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत के संकेत भी माने जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में मौसम और अधिक बदल सकता है।
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