बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन, हर बच्चे को मिले सुरक्षित और खुशहाल बचपन : लक्ष्मी राजवाड़े…

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अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री ने किया जागरूक समाज के निर्माण का आह्वान
प्रमुख बिंदु
  • अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का संदेश
  • बाल श्रम को बताया बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन
  • शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने पर दिया जोर
  • बाल श्रम और शोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही
  • नागरिकों से बाल अधिकार संरक्षण में भागीदारी की अपील

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बचपन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम बच्चों के मूल अधिकारों का हनन है, जो उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के अवसरों को प्रभावित करता है। बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए समाज को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करना होगा।

बच्चों के हाथों में किताबें हों, श्रम का बोझ नहीं

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके हाथों में किताबें, खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों के अवसर होने चाहिए। किसी भी बच्चे से मजदूरी कराना उसके सपनों और संभावनाओं को सीमित करने जैसा है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम केवल एक सामाजिक समस्या नहीं है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है, जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

बाल संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही सरकार

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। बच्चों के हितों की रक्षा के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

समाज की भागीदारी से ही मिलेगा बेहतर परिणाम

मंत्री ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन का अभियान केवल सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। यदि किसी बच्चे से अवैध रूप से कार्य कराया जा रहा हो या उसे शिक्षा से वंचित रखा जा रहा हो, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।

शोषण की जानकारी तुरंत दें

लक्ष्मी राजवाड़े ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे के साथ शोषण, दुर्व्यवहार या अवैध श्रम की स्थिति दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला एवं बाल विकास विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को दें। समय पर दी गई जानकारी बच्चों को सुरक्षित जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सुरक्षित बचपन से बनेगा सशक्त भविष्य

उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील और जागरूक समाज ही बच्चों को सुरक्षित बचपन और उज्ज्वल भविष्य दे सकता है। सभी नागरिकों को यह संकल्प लेना चाहिए कि किसी भी बच्चे का बचपन श्रम में नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा और अवसरों के साथ विकसित हो। यही बच्चे आगे चलकर देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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