स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क
हाइलाइट
- फर्जी ई-चालान मैसेज और नकली वेबसाइट से बढ़ रही ठगी
- अनजान लिंक पर क्लिक करते ही बैंक डिटेल चोरी का खतरा
- केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही करें भुगतान
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत करें शिकायत
रायपुर: राजधानी Raipur में इन दिनों फर्जी ई-चालान मैसेज और नकली वेबसाइट/एप्लीकेशन के जरिए साइबर ठगी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को “लंबित चालान” का डर दिखाकर जल्द भुगतान करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, ये ठग आम लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल पर SMS या व्हाट्सएप के जरिए लिंक भेजते हैं, जिससे लोग भ्रमित होकर जाल में फंस जाते हैं।
कैसे काम कर रहा है ठगी का नेटवर्क
पुलिस ने बताया कि अपराधी अनजान नंबरों से मैसेज भेजते हैं, जिनमें वाहन का पेंडिंग चालान दिखाकर तुरंत भुगतान का दबाव बनाया जाता है। ये लिंक देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसे लगते हैं, जिससे लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं। एक बार लिंक खोलने के बाद यूजर से बैंक डिटेल, OTP या अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है, जिसे साझा करते ही ठगी हो जाती है।
सुरक्षित भुगतान के लिए आधिकारिक विकल्प
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वाहन के ई-चालान का भुगतान केवल Parivahan eChallan Portal या NextGen mParivahan App के जरिए ही करना चाहिए। इन प्लेटफॉर्म पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, जबकि थर्ड पार्टी ऐप या वेबसाइट पर भुगतान करने से अतिरिक्त चार्ज और धोखाधड़ी का खतरा दोनों बढ़ जाते हैं।
पुलिस की सलाह: इन बातों का रखें ध्यान
रायपुर पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। केवल अधिकृत सेंडर आईडी जैसे BV-VAAHAN-G, BT-VAAHAN-G, BH-VAAHAN-G, BM-VAAHAN-G या BZ-VAAHAN-G से आए संदेशों पर ही भरोसा करें। साथ ही वेबसाइट की स्पेलिंग और URL को ध्यान से जांचें, क्योंकि नकली साइट्स अक्सर असली जैसी दिखती हैं। सबसे जरूरी बात—किसी भी स्थिति में अपना OTP किसी के साथ साझा न करें, चाहे सामने वाला खुद को अधिकारी ही क्यों न बताए।
ठगी होने पर क्या करें
यदि किसी व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या Cyber Crime Portal India पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही अपने बैंक को तुरंत सूचित करें, ताकि ट्रांजैक्शन को रोका जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में mParivahan ऐप इंस्टॉल कर इसी के जरिए ई-चालान चेक और भुगतान करें—यह एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है।
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