भिलाई -दुर्ग / छत्तीसगढ़
सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यस्थल सुरक्षा एवं दुर्घटना निवारण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए 26 मार्च, 2026 को मानव संसाधन केंद्र में एनर्जी आइसोलेशन प्रैक्टिसेज पर एक लार्ज ग्रुप इंटरैक्शन (एलजीआई) का आयोजन किया गया। इस सत्र में संयंत्र के विभिन्न इकाइयों के लगभग 80 सुरक्षा अधिकारी, विभागीय सुरक्षा अधिकारी एवं इलेक्ट्रिकल प्रमुखों ने सक्रिय भागीदारी रही।कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) श्री देबदत्त सतपथी ने की।

अपने संबोधन में श्री देबदत्त सतपथी ने विभिन्न विभागों से उपस्थित अधिकारियों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि अपर्याप्त एनर्जी आइसोलेशन औद्योगिक दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने सभी विभागों में लॉकआउट-टैगआउट (लोटो) प्रक्रियाओं के कड़ाई से एवं निरंतर अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया।

तकनीकी सत्र का संचालन महाप्रबंधक (एसएमएस-3) श्री पी. सतपथी द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने एनर्जी आइसोलेशन प्रक्रियाओं का विस्तृत एवं व्यावहारिक विवरण प्रस्तुत किया तथा प्रतिभागियों को चर्चा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) श्री अजय टल्लू द्वारा किया गया।

सत्र में एनर्जी आइसोलेशन की संपूर्ण प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया, जिसमें तैयारी एवं शटडाउन से लेकर सभी ऊर्जा स्रोतों के भौतिक पृथक्करण तक के चरण शामिल थे। प्रत्येक आइसोलेशन बिंदु पर व्यक्तिगत ताले एवं टैग लगाने की अनिवार्यता पर विशेष जोर दिया गया, ताकि प्रत्येक कर्मी स्वयं अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। साथ ही, संचित ऊर्जा के पूर्ण निष्कासन एवं शून्य-ऊर्जा स्थिति की भौतिक सत्यापन के महत्व को भी रेखांकित किया गया, जिससे किसी भी रखरखाव कार्य के पूर्व पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम में लोटो प्रक्रियाओं में होने वाली सामान्य त्रुटियों, जैसे बिना सत्यापन के अनुमान लगाना, साझा ताले का उपयोग, अज्ञात ऊर्जा स्रोत, समय के दबाव में प्रक्रियाओं की अनदेखी, अपर्याप्त प्रशिक्षण एवं शिफ्ट हैंडओवर में समन्वय की कमी जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें विशेष रूप से इस्पात संयंत्र की जटिल विद्युत प्रणालियों को ध्यान में रखते हुए उचित अर्थिंग एवं उपकरण आधारित सत्यापन को अत्यंत आवश्यक बताया गया।
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