मुंगेली / छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
- अचानकमार टाइगर रिजर्व के दो अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े गए
- वाहन छोड़ने और चालान जल्द पेश करने के नाम पर मांग रहे थे पैसे
- एसीबी ने कोटा के रेस्टोरेंट में बिछाया जाल, 50 हजार रुपए बरामद
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज
रिश्वतखोरी का खुलासा ऐसे हुआ
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज के रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव वाहन छोड़ने और चालान जल्द पेश करने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। तभी लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद पूरे मामले का सत्यापन किया गया।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
एसीबी ने शिकायत की पुष्टि होने के बाद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। 26 मार्च को कोटा स्थित एक रेस्टोरेंट में डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए लेते ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से पूरी रकम भी बरामद कर ली, जिससे मामला और पुख्ता हो गया।
रेंजर की भूमिका भी आई सामने
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रेंजर पल्लव नायक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। जांच में उनकी संलिप्तता सामने आने पर एसीबी ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
बढ़ते भ्रष्टाचार पर सख्ती का संकेत
इस कार्रवाई को राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एसीबी की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर मचा हड़कंप
घटना के बाद वन विभाग सहित स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आम लोगों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है और इसे पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। एसीबी की आगे की जांच में इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
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