हाइलाइट बॉक्स
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1359.04 करोड़ का रिकॉर्ड यात्री राजस्व
- पिछले वर्ष से 28.34 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज
- आंतरिक लक्ष्य 1348.06 करोड़ को भी किया पार
- अनारक्षित श्रेणी में 18.7% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी
- ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ से यात्रियों को मिली अतिरिक्त सुविधा
रिकॉर्ड राजस्व से मजबूत हुआ बिलासपुर जोन का प्रदर्शन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में यात्री राजस्व के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, 17 मार्च तक जोन ने 1359.04 करोड़ रुपए का अब तक का सर्वाधिक राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 1330.70 करोड़ रुपए से 28.34 करोड़ रुपए अधिक है। यह उपलब्धि न केवल जोन की बेहतर कार्यप्रणाली को दर्शाती है, बल्कि यात्रियों के बढ़ते भरोसे और रेलवे सेवाओं की निरंतर मांग को भी उजागर करती है। खास बात यह रही कि निर्धारित 1348.06 करोड़ रुपए के आंतरिक लक्ष्य को भी समय से पहले पार कर लिया गया, जिससे जोन की वित्तीय स्थिति और अधिक सुदृढ़ हुई है।
अनारक्षित श्रेणी बनी वृद्धि की मुख्य आधार, आरक्षित में भी सुधार
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस राजस्व वृद्धि में अनारक्षित श्रेणी की यात्रा का सबसे बड़ा योगदान रहा है। बिलासपुर जोन ने अनारक्षित श्रेणी से 55 करोड़ रुपए की आय अर्जित की, जो 18.7% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाती है। यह वृद्धि भारतीय रेल के विभिन्न जोनों में दर्ज उच्चतम प्रतिशत में से एक मानी जा रही है। वहीं, आरक्षित श्रेणी में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जहां 26 करोड़ रुपए (2.8%) की वृद्धि दर्ज की गई। कुल मिलाकर, जोन ने पिछले वर्ष की तुलना में 82 करोड़ रुपए (6.6%) और निर्धारित आनुपातिक लक्ष्य की तुलना में 65 करोड़ रुपए (5%) अधिक राजस्व अर्जित कर अपनी क्षमता और बेहतर प्रबंधन का परिचय दिया है।
‘ट्रेन ऑन डिमांड’ और स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को राहत
यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन भी किया। ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ (TOD) योजना के तहत कुल 116 ट्रिप (जिसमें 26 आरक्षित ट्रेनें शामिल हैं) और 36 ट्रिप (8 अनारक्षित ट्रेनें) चलाई गईं। इन ट्रेनों ने त्योहारों और व्यस्त सीजन के दौरान यात्रियों को बड़ी राहत प्रदान की और अतिरिक्त राजस्व अर्जन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में इस तरह की योजनाओं को और विस्तार दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ-साथ रेलवे की आय में भी निरंतर वृद्धि हो सके।
महाप्रबंधक के नेतृत्व में हासिल हुई बड़ी उपलब्धि
यह उल्लेखनीय सफलता दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के नेतृत्व में हासिल की गई है। उनके कार्यकाल में संचालन क्षमता, यात्री सुविधाओं और राजस्व प्रबंधन में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल रेलवे के आर्थिक पक्ष को मजबूत करती हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसरों को भी गति देती हैं। आने वाले समय में बिलासपुर जोन से और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे भारतीय रेलवे की समग्र छवि और मजबूत होगी।


