25.1 C
Raipur
Friday, March 20, 2026

बिलासपुर-शहडोल मेमू पैसेंजर 21-22 मार्च को रद्द, यात्रियों की बढ़ी चिंता…

HomeChhattisgarhबिलासपुर-शहडोल मेमू पैसेंजर 21-22 मार्च को रद्द, यात्रियों की बढ़ी चिंता...

Date:

हाइलाइट बॉक्स

  • 21 और 22 मार्च को मेमू पैसेंजर (68740/68739) रद्द
  • पेंड्रा रोड स्टेशन पर प्री-NI और NI का महत्वपूर्ण कार्य
  • ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (135 किमी) कनेक्टिविटी का हिस्सा
  • रेलवे का दावा—भविष्य में यात्रा होगी अधिक सुरक्षित और सुगम

अचानक रद्दीकरण से यात्रियों की दिनचर्या प्रभावित

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल द्वारा बिलासपुर-शहडोल-बिलासपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन को 21 और 22 मार्च के लिए रद्द किए जाने से हजारों यात्रियों की दिनचर्या प्रभावित होने की आशंका है। यह ट्रेन दैनिक यात्रियों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन मानी जाती है, जो रोजमर्रा के आवागमन के लिए इस पर निर्भर रहते हैं। अचानक लिए गए इस फैसले ने लोगों को वैकल्पिक परिवहन की तलाश में डाल दिया है, जिससे बसों और निजी वाहनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। कई यात्रियों का कहना है कि यदि पहले से विस्तृत सूचना दी जाती तो वे अपनी यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बना सकते थे।

तकनीकी उन्नयन के लिए जरूरी प्री-NI और NI कार्य

रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय पेंड्रा रोड स्टेशन पर चल रहे संयुक्त प्री-नॉन इंटरलॉकिंग (Pre-NI) और नॉन इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के चलते लिया गया है। यह प्रक्रिया रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण का एक अहम हिस्सा होती है, जिसमें सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक कनेक्टिविटी को अपग्रेड किया जाता है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के अंतर्गत गेवरा रोड से पेंड्रा रोड तक लगभग 135 किलोमीटर लंबे खंड में यह कार्य किया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही और अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के कार्यों के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए अस्थायी रूप से ट्रेनों का संचालन रोकना आवश्यक हो जाता है।

भविष्य में मिलेगा सुरक्षित और सुगम रेल संचालन का लाभ

रेलवे का दावा है कि इस कार्य के पूर्ण होने के बाद संबंधित रेल खंड में संचालन अधिक सुगम, तेज और सुरक्षित हो जाएगा। इससे न केवल ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरलॉकिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण रेलवे नेटवर्क की रीढ़ को मजबूत करने जैसा है, जो लंबे समय में यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करता है। हालांकि फिलहाल यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन यह बदलाव भविष्य में यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खबरे और भी…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

यशराज के सदाबहार गीतों से सजेगी संगीतमय शाम, रायपुर में होगा यादों का जादुई सफर…

रायपुर / छत्तीसगढ़ मुख्य आकर्षण: ‘स्वरांक म्यूजिकल ग्रुप’ द्वारा विशेष...

राजधानी में वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़, 11 दोपहिया बरामद— मिस्त्री की चालाकी ने खोले कई राज…

रायपुर/छत्तीसगढ़ हाइलाइट बॉक्स (मुख्य बिंदु) खम्हारडीह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई...

तिल्दा-नेवरा में ऑपरेशन ‘निश्चय’ की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार…

तिल्दा/छत्तीसगढ़ हाइलाइट्स (मुख्य बिंदु): • रेलवे ओवरब्रिज के नीचे दबिश देकर...