रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स (मुख्य बिंदु)
खम्हारडीह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाहन चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में अलग-अलग इलाकों से चोरी की गई कुल 11 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4.40 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने इस गिरोह के साथ जुड़े एक ऐसे मिस्त्री को भी गिरफ्तार किया है, जो अवैध तरीके से गाड़ियों की डुप्लीकेट चाबी बनाकर आरोपियों की मदद करता था। यह पूरा गिरोह मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कचना इलाके में पकड़ा गया। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कचना इलाके से शुरू हुई कार्रवाई, दो आरोपी रंगे हाथ पकड़े
राजधानी के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। 19 मार्च को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कचना स्थित शराब दुकान के पास घेराबंदी कर दो संदिग्ध युवकों को दबोच लिया, जो बिना नंबर की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुलदीप गेंडरे उर्फ जानू और करण साहू उर्फ बाका के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में ही दोनों ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से दोपहिया वाहन चोरी करना स्वीकार कर लिया, जिससे पुलिस की जांच को अहम दिशा मिली।
पूछताछ में खुलासा, मिस्त्री बनाता था तुरंत डुप्लीकेट चाबी
कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चोरी की गई गाड़ियों को आसानी से चलाने और बेचने के लिए वे मोवा निवासी शेख स्वालेह (40 वर्ष) की मदद लेते थे, जो पेशेवर तरीके से किसी भी वाहन की डुप्लीकेट चाबी तुरंत तैयार कर देता था। पुलिस ने इस अहम सुराग के आधार पर शेख स्वालेह को भी गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस मिस्त्री की भूमिका गिरोह के संचालन में बेहद महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसी के जरिए चोरी की गाड़ियों को वैध रूप में इस्तेमाल करना संभव हो पाता था।
चोरी का तरीका सुनकर पुलिस भी चौंकी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सुनसान इलाकों और भीड़भाड़ वाले बाजारों के बाहर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे। वे पहले गाड़ी की रेकी करते थे और फिर मौके का फायदा उठाकर उसे चुरा लेते थे। खास बात यह रही कि चाबी मिस्त्री की मदद से वे कुछ ही मिनटों में गाड़ी स्टार्ट कर लेते थे, जिससे किसी को शक भी नहीं होता था। इस सुनियोजित तरीके से गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और पुलिस को चकमा दे रहा था।
शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर लगेगा अंकुश
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से राजधानी में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण लगेगा। हाल के दिनों में बाइक चोरी की शिकायतों में इजाफा देखा जा रहा था, जिससे आम नागरिकों में चिंता का माहौल था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब अन्य संदिग्धों और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है, ताकि ऐसे गिरोहों की जड़ तक पहुंचा जा सके।
BNS की धाराओं में केस दर्ज, वाहन मालिकों की तलाश जारी
पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान कुल 11 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4 लाख 40 हजार रुपए बताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस बरामद वाहनों के असली मालिकों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस का संदेश: सतर्क रहें, सुरक्षा उपाय अपनाएं
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जैसे व्हील लॉक या अलार्म सिस्टम का इस्तेमाल करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जनता की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।


