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Monday, March 16, 2026

प्रदेश में गोधन संरक्षण को नई दिशा: लाखासार से सीएम विष्णु देव साय ने ‘सुरभि गौधाम’ योजना की शुरुआत की

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बिलासपुर / छत्तीसगढ़

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  • तखतपुर के ग्राम लाखासार में 25 एकड़ में विकसित गौधाम का शुभारंभ
  • प्रदेश के सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे
  • जोगीपुर में 184 एकड़ में राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य की आधारशिला
  • पशुपालकों को प्रशिक्षण, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

लाखासार से गोधन संरक्षण को मिला नया अभियान

बिलासपुर: मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार में 25 एकड़ में विकसित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण को नई दिशा देने का ऐलान किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि सरकार बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गंभीरता से काम कर रही है तथा गौधामों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से जुड़ी योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि गौधाम योजना के तहत पशुपालन को संगठित रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। यहां हरा चारा उत्पादन, गोबर से जैविक उत्पाद तैयार करने और पशुपालन प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए आय के नए स्रोत खुलेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं, जिनमें महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की स्वीकृति शामिल है। इसके साथ ही गौधाम परिसर में प्रशिक्षण भवन के लिए 25 लाख रुपये, एक काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।

किसानों से संवाद और परंपरा को पुनर्जीवित करने पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों से संवाद भी किया। एक किसान ने पुरानी ग्रामीण परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले गांवों में “राऊत” व्यवस्था के तहत सभी गायों को सामूहिक रूप से चराने ले जाया जाता था, जिससे गौवंश सुरक्षित रहते थे और दुर्घटनाओं की आशंका कम रहती थी। किसान ने सुझाव दिया कि इस व्यवस्था को पुनः शुरू कर प्रत्येक गांव में एक राऊत की नियुक्ति की जाए। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी।

गौठान योजना पर विपक्ष पर निशाना

पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने पूर्ववर्ती सरकार की गौठान योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय इस योजना में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जनता ने इसी कारण पूर्व सरकार को नकार दिया। वहीं एलपीजी सिलेंडर की कथित किल्लत के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

जोगीपुर में बनेगा राज्य का पहला गौ अभ्यारण्य

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य की आधारशिला भी रखी। यह अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए पहले चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके निर्माण के बाद यहां लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री Tokhan Sahu, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री Ramvichar Netam तथा छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष Visheshwar Patel सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान-पशुपालक मौजूद रहे।

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