रायपुर / छत्तीसगढ़ /छत्तीसगढ़ विधानसभा
मुख्य बिंदु :
- दुर्ग के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया
- विधानसभा के बजट सत्र में शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने उठाया मुद्दा
- नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव देकर सरकार पर साधा निशाना
- हंगामे के बाद नेता प्रतिपक्ष, पूर्व सीएम भूपेश बघेल सहित 29 विधायक निलंबित
- पुलिस ने कार्रवाई कर 6,242 किलोग्राम अफीम जब्त की, कई आरोपी गिरफ्तार
विधानसभा में गूंजा अफीम खेती का मुद्दा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को शून्यकाल के दौरान दुर्ग जिले में सामने आए अवैध अफीम खेती के मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य को “धान का कटोरा” कहा जाता है, लेकिन सरकार की नीतियों से ऐसा लग रहा है कि इसे “अफीम का कटोरा” बनाया जा रहा है। उन्होंने पूरे प्रदेश के फार्महाउसों की जांच कराने की मांग भी की। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली और सदन का माहौल काफी गरम हो गया।
हंगामे के बाद 29 विधायक निलंबित
सरकार की ओर से गृह मंत्री विजय शर्मा ने मामले पर वक्तव्य देते हुए बताया कि दुर्ग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि समोदा गांव स्थित एक फार्महाउस में अवैध अफीम की खेती की जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में जब्ती की प्रक्रिया पूरी कर 6,242 किलोग्राम अफीम बरामद की गई और आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। हालांकि आसंदी द्वारा स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने के बाद विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। इसके चलते नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत 29 कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद भी विधायक सदन में बैठकर नारेबाजी करते रहे, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
नेताओं के बयान से बढ़ा सियासी विवाद
सदन में इस मुद्दे पर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दूर निजी जमीन पर अफीम की खेती हो रही है, जबकि किसानों का धान खरीदा नहीं जा रहा है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आया है, लेकिन एफआईआर में उनके नौकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। दूसरी ओर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस से भी आत्ममंथन करने की बात कहते हुए कहा कि यह खेती पिछले चार वर्षों से चल रही बताई जा रही है और विपक्ष बिना तथ्यों के मुख्यमंत्री का नाम ले रहा है।
प्रदेश में नशे का फैलता नेटवर्क
पुलिस के अनुसार छत्तीसगढ़ में नशे का कारोबार कई जिलों में फैला हुआ है। महासमुंद जिले को तस्करी का प्रमुख गेटवे माना जाता है, जहां ओडिशा बॉर्डर से बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ा जाता है। वहीं रायपुर के तेलीबांधा और गंज थाना क्षेत्रों में एमडी, कोकीन और नशीली गोलियों की जब्ती अधिक होती है। दुर्ग जिले का समोदा गांव हाल ही में अफीम के नए केंद्र के रूप में सामने आया है। बिलासपुर और बस्तर क्षेत्रों में भी नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
समोदा में अफीम की फसल उखाड़ी गई
दुर्ग के समोदा क्षेत्र में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में लगी पूरी अफीम की फसल उखाड़ दी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी विकास विश्नोई की निशानदेही पर फार्महाउस से अफीम के बीज, सात बोरी अफीम का फल, खसखस और खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से आपस में संपर्क में थे और खेत में बड़ी संख्या में ऐसे अफीम के फल मिले हैं जिनमें चीरा लगाकर अफीम निकाली जा चुकी थी। फिलहाल पुलिस मामले की तकनीकी जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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