रायपुर / छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- घरेलू एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग अब 25 दिन बाद ही संभव
- पहले 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू था
- गैस की जमाखोरी और पैनिक बुकिंग रोकने के लिए फैसला
- हाल ही में घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगा किया गया
- कुछ राज्यों में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई अस्थायी रूप से रोकी गई
नई व्यवस्था: 25 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू
केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव करते हुए अब 25 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू कर दिया है। यानी उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगला सिलेंडर अब 25 दिन पूरे होने के बाद ही बुक कर पाएंगे। इससे पहले यह अवधि 21 दिन थी। सरकार का कहना है कि यह कदम गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले कुछ समय में यह देखा गया कि कई लोग जरूरत न होने के बावजूद सिलेंडर बुक कर स्टॉक करने लगे थे, जिससे वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पैनिक बुकिंग पर रोक की कोशिश
सरकार के अनुसार, हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कई जगहों पर पैनिक बुकिंग देखी गई। अचानक बढ़ी मांग के कारण तेल कंपनियों ने पहले 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे अनावश्यक बुकिंग पर नियंत्रण लगेगा और सप्लाई सिस्टम संतुलित रहेगा। इससे उन परिवारों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत होती है।
गैस सिलेंडर के दामों में हालिया बढ़ोतरी
सरकार ने दो दिन पहले ही घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपए की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर अब 913 रुपए में मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपए थी। वहीं 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है और इसकी कीमत 1883 रुपए हो गई है। नई कीमतें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं। इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़ाए गए थे, यानी लगभग एक साल बाद कीमतों में यह वृद्धि की गई है।
कुछ राज्यों में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित
गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए राजस्थान में तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर अघोषित रोक लगा दी है। एजेंसी संचालकों को मैसेज भेजकर फिलहाल 19 किलो वाले सिलेंडर के ऑर्डर न करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनियों ने एजेंसियों को प्राथमिकता के तौर पर घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी सुनिश्चित करने को कहा है। इसी तरह पंजाब में भी पिछले दो दिनों से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई नहीं मिल रही है, जिससे होटल और छोटे व्यवसाय प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
ईंधन सप्लाई पर सरकार का भरोसा, घबराने की जरूरत नहीं
सरकारी सूत्रों के अनुसार देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल की कमी नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाती। भारत ने संभावित वैश्विक संकट को देखते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य समुद्री मार्गों से भी कच्चे तेल की सोर्सिंग बढ़ा दी है। इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का भी देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे विमान सेवाओं पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
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