रायपुर / छत्तीसगढ़ / पर्व
मुख्य बिंदु
- आज सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होगा होलिका दहन का मुहूर्त
- शाम 6 बजे से रात करीब 12 बजे तक रहेगा शुभ समय
- प्रदोष काल में पूजा कर अग्नि प्रज्वलन की परंपरा
- इस अवधि में भद्रा काल का नहीं रहेगा कोई प्रभाव
प्रदोष काल में होगी होलिका पूजन की परंपरा
आज सूर्यास्त के साथ ही होलिका दहन का पावन मुहूर्त प्रारंभ हो जाएगा, जो आधी रात तक प्रभावी रहेगा। सनातन परंपराओं के अनुसार प्रदोष काल — अर्थात सूर्यास्त के समय — होलिका पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस काल में विधि-विधान से पूजा करने और उसके बाद अग्नि प्रज्वलित करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इस वर्ष शाम लगभग 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक होली जलाने का शुभ समय रहेगा।
भद्रा काल से मुक्त रहेगा शुभ अवसर
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस अवधि में भद्रा काल का कोई प्रभाव नहीं रहेगा, जिसे शास्त्रों में शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। भद्रा की अनुपस्थिति से श्रद्धालुओं को विधिवत पूजा और होलिका दहन करने में कोई बाधा नहीं होगी। यही कारण है कि इस बार होलिका दहन का संयोग विशेष फलदायी माना जा रहा है।
आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का पर्व
होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। लोग परिवार और पड़ोसियों के साथ मिलकर पूजा करते हैं, नई फसल की बालियां अर्पित करते हैं और मंगलकामना करते हैं। यह पर्व समाज में एकता, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है।
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