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मुख्य बिंदु:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर इजरायल पहुंचे
- एयरपोर्ट पर पीएम Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी सारा ने किया स्वागत
- गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य अभिनंदन, प्रोटोकॉल तोड़कर गले मिले नेतन्याहू
- 9 वर्ष बाद पीएम मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा
- आर्थिक, सुरक्षा और कूटनीतिक समझौतों पर हो सकती है चर्चा
एयरपोर्ट पर विशेष स्वागत का दृश्य
प्रधानमंत्री Narendra Modi दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर Israel पहुंच चुके हैं। तेल अवीव एयरपोर्ट पर उनके आगमन के साथ ही एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू स्वयं प्रोटोकॉल तोड़ते हुए उनका स्वागत करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर मित्रता का संदेश दिया। इसके बाद पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जिससे इस दौरे के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
9 वर्षों बाद दूसरी ऐतिहासिक यात्रा
यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी लगभग 9 वर्ष बाद इजरायल पहुंचे हैं। यह उनकी दूसरी आधिकारिक इजरायल यात्रा है। इससे पहले 2017 में उनकी यात्रा ने भारत-इजरायल संबंधों में नई दिशा दी थी। इस बार भी दौरे को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दोनों देशों की दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर मोदी के विमान से उतरने का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी, इजरायल में आपका स्वागत है,” जो दोनों नेताओं के व्यक्तिगत समीकरण को भी दर्शाता है।
एक्स पर पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि इजरायल पहुंचकर वे सम्मानित महसूस कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नेतन्याहू तथा उनकी पत्नी द्वारा एयरपोर्ट पर स्वागत से वे अभिभूत हैं। पीएम मोदी ने अपने संदेश में भारत-इजरायल मित्रता को और मजबूत करने तथा सार्थक द्विपक्षीय चर्चाओं की उम्मीद जताई।
रणनीतिक साझेदारी पर विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, कृषि तकनीक, साइबर सुरक्षा और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इजरायल की ओर से संकेत मिले हैं कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। भारत और इजरायल पहले से ही रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में मजबूत सहयोग रखते हैं, जिसे और व्यापक बनाने की दिशा में यह यात्रा निर्णायक मानी जा रही है।
भविष्य की दिशा तय करेगा यह दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता को नई मजबूती देगा। वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में बदलते समीकरणों के बीच भारत और इजरायल की नजदीकी दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से लाभकारी मानी जा रही है। पीएम मोदी और नेतन्याहू की यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई दे सकती है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के नए आयाम भी स्थापित कर सकती है।
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