बिलासपुर / छत्तीसगढ़
भारतीय रेलवे ने यात्री सुविधाओं को अधिक सुगम, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। ‘रेलवन’ ऐप के माध्यम से अब अनारक्षित टिकटिंग सहित अधिकांश यात्री सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग ऐप्स के उपयोग से होने वाली असुविधा से मुक्त कर एक “यूनिफाइड प्लेटफॉर्म” प्रदान करना है, जहाँ टिकट बुकिंग, वॉलेट, सीजन टिकट और अन्य सेवाएं एक ही स्थान पर सुलभ हों। रेलवे के अनुसार यह एकीकरण चार चरणों में लागू किया जा रहा है, ताकि ट्रांजिशन पूरी तरह सुगम और सुरक्षित रहे।
चरणबद्ध एकीकरण और सुरक्षित ट्रांजिशन
पहले चरण में ‘यूटीएस ऑन मोबाइल’ ऐप पर नए पंजीकरण और वेबसाइट सेवाओं को सीमित कर दिया गया है, जबकि मौजूदा उपयोगकर्ताओं के आर-वालेट को सुरक्षित रूप से ‘रेलवन’ वॉलेट में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फिलहाल दोनों ऐप्स सक्रिय रखे गए हैं, जिससे यात्री बिना किसी व्यवधान के नए प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित हो सकें। दूसरे चरण में पुराने ऐप पर सीजन टिकट बुकिंग को सीमित करते हुए यात्रियों को ‘रेलवन’ ऐप अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके लिए ‘वन-टाइम ट्रांसफर’ की सुविधा भी उपलब्ध है। तृतीय और चतुर्थ चरण में सभी बुकिंग कार्यक्षमताएं पूरी तरह ‘रेलवन’ प्लेटफॉर्म पर केंद्रित कर दी जाएंगी, जहां सक्रिय टिकट और वॉलेट बैलेंस स्वतः उपलब्ध रहेंगे।
डिजिटल ईकोसिस्टम की ओर निर्णायक कदम
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल ऐप बदलाव नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ डिजिटल ईकोसिस्टम की स्थापना है। नए प्लेटफॉर्म पर बेहतर यूजर इंटरफेस, तेज प्रोसेसिंग और उन्नत डेटा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। यदि किसी यात्री का सक्रिय टिकट पुराने ऐप में प्रदर्शित नहीं होता है, तो वह ‘रेलवन’ ऐप में लॉगिन कर उसे प्राप्त कर सकता है। इस डिजिटल एकीकरण को भविष्य की सुरक्षित, पारदर्शी और त्वरित रेल टिकट प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, जो लाखों दैनिक यात्रियों के अनुभव को सरल और विश्वसनीय बनाएगा।
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