दुर्ग/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स :
15 फरवरी को दुर्ग-भिलाई में महाशिवरात्रि के भव्य आयोजन, शिवनाथ सरोवर में मुख्य कार्यक्रम का निर्णय, मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भिलाई में 4 हजार से अधिक कलाकारों की अनूठी शिव बारात, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी
मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और प्रशासनिक तैयारियां
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर दुर्ग और भिलाई शहर में धार्मिक आस्था का वातावरण गहराने लगा है। भिलाई के बैकुंठधाम मंदिर, रुक्खड़नाथ मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं दुर्ग में शिवनाथ नदी तट स्थित शिव मंदिर और अन्य प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दुर्ग नगर निगम की बैठक में 15 फरवरी को होने वाले आयोजन की रूपरेखा तय की गई, जिसमें शिवनाथ सरोवर को मुख्य आयोजन स्थल घोषित किया गया। निगम अधिकारियों ने साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष जोर देने की बात कही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
जीर्णोद्धार, सांस्कृतिक गतिविधियां और जनसहभागिता पर जोर
आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए धार्मिक झांकियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा। शहर के विभिन्न वार्डों में मंदिरों की मरम्मत, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण का कार्य भी तेज किया गया है। समिति सदस्यों का कहना है कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता को भी सुदृढ़ करेगा। कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने स्वयंसेवक के रूप में सहयोग की इच्छा जताई है। एक स्थानीय श्रद्धालु ने कहा, “महाशिवरात्रि हमारे लिए केवल पूजा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का पर्व है।”
भिलाई में निकलेगी ऐतिहासिक शिव बारात
भिलाई में इस वर्ष भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। दोपहर 2 बजे इंदिरा नगर हथखोज, वार्ड नंबर 1 स्थित राम जानकी शिव मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद बारात रवाना होगी। यह बारात ट्रांसपोर्ट नगर, केनाल रोड, कार्तिकेय चौक, बोलबम चौक, नंदी तिराहा, जोन-1 शिव मंदिर, जोन-2 श्रीराम चौक होते हुए खुर्सीपार के दुर्गा मैदान में विवाह स्थल पर पहुंचेगी। आयोजन समिति एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में इस बारात को दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। करीब 4 हजार कलाकार राम, रावण, विभीषण, किन्नर, भूत-पिशाच और राक्षसों की वेशभूषा में शामिल होंगे, जबकि केरल की झांकियों में शिव विवाह और देवी-देवताओं की झलक श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराएगी। शहर में “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ महाशिवरात्रि का यह उत्सव आस्था, संस्कृति और एकता का अनूठा संगम बनेगा।


