बिलासपुर/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स:
▣ 1 फरवरी को 34 ग्राम हेरोइन बरामद, तीन आरोपी पहले ही जेल भेजे गए
▣ पंजाब के तरनतारन जिले से मुख्य सप्लायर बाला उर्फ बलराम सिंह सनियारे गिरफ्तार
▣ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए सप्लाई की आशंका, बहु-राज्यीय नेटवर्क की जांच
▣ होली से पहले ‘सूखे नशे’ पर पुलिस की विशेष निगरानी, एनडीपीएस कोर्ट में पेशी की तैयारी
बिलासपुर में हेरोइन बरामदगी के बाद खुला अंतरराज्यीय नेटवर्क
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 34 ग्राम हेरोइन बरामदगी मामले में जांच ने अब अंतरराज्यीय कनेक्शन का खुलासा किया है। 1 फरवरी को चकरभाठा थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में मोहित हिंदूजा (32), करन दीप सिंह (29) और आर. रजिंदर कुमार (35) को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम पंजाब के तरनतारन जिले पहुंची और खेमकरण थाना क्षेत्र से मुख्य सप्लायर बाला उर्फ बलराम सिंह सनियारे (63) को दबोच लिया। जिस गांव से गिरफ्तारी हुई, वह भारत-पाक सीमा से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा है, जहां उसे एनडीपीएस कोर्ट में पेश कर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
ड्रोन के जरिए सीमा पार से सप्लाई की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में नशीले पदार्थ गिराए जाते हैं, जिन्हें बाद में विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जाता है। पुलिस का अनुमान है कि इसी चैनल के जरिए हेरोइन की खेप बिलासपुर तक पहुंची। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि करन दीप सिंह दूसरे राज्य से हेरोइन लाकर मोहित हिंदूजा को देता था, जो अपने साथी रजिंदर कुमार के साथ मिलकर ऊंचे दामों पर इसकी बिक्री करता था। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और व्हाट्सऐप पर कोड वर्ड के जरिए सप्लाई की पुष्टि हुई है। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर ही पंजाब कनेक्शन की पुष्टि हुई।
होली से पहले सख्ती, नेटवर्क तोड़ने पर फोकस
होली जैसे बड़े त्योहार को देखते हुए इस बार ‘सूखे नशे’ यानी हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस को आशंका है कि त्योहार से पहले बड़ी खेप खपाने की कोशिश हो सकती है, इसलिए संदिग्धों पर नजर और भी कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों से जुड़े पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में भी दबिश दी जाएगी। पुलिस का मानना है कि मुख्य सप्लायर से पूछताछ में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिससे नशे के इस जाल को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी।


