हाइलाइट :
• तीसरे और आख़िरी वनडे में न्यूज़ीलैंड की 41 रन से जीत
• डैरिल मिचेल और ग्लेन फ़िलिप्स के शानदार शतक
• विराट कोहली का 124 रन का जुझारू शतक बेकार गया
• सिरीज़ 1-1 से बराबरी पर समाप्त

टॉस के बाद बदली तस्वीर, न्यूज़ीलैंड का दमदार बल्लेबाज़ी प्रदर्शन
इंदौर में रविवार को खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया, लेकिन यह दांव टीम इंडिया के पक्ष में नहीं गया। न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ों ने भारतीय गेंदबाज़ी पर शुरुआत से दबाव बनाया और आठ विकेट के नुक़सान पर 337 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। डैरिल मिचेल और ग्लेन फ़िलिप्स ने शतकीय पारियाँ खेलते हुए पारी को मज़बूती दी, जिससे भारत के सामने 338 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा गया।
विराट–हर्षित की साझेदारी ने जगाई उम्मीद, फिर बिखरी भारतीय पारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उतार-चढ़ाव भरी रही, लेकिन विराट कोहली ने एक बार फिर ज़िम्मेदारी उठाई। उन्होंने 108 गेंदों में 124 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। हर्षित राणा ने भी 43 गेंदों में 52 रन बनाकर विराट का अच्छा साथ दिया। जब तक यह जोड़ी क्रीज़ पर थी, भारत जीत की दौड़ में बना हुआ था और हाथ में चार विकेट शेष थे। हालांकि, हर्षित के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और विकेटों का पतन लगातार होता चला गया।
आख़िरी ओवरों में न्यूज़ीलैंड की पकड़, सिरीज़ बराबरी पर खत्म
भारतीय टीम अंततः 296 रन पर ऑलआउट हो गई, जिसमें आख़िरी विकेट कुलदीप यादव का रहा, जो 5 रन बनाकर रन आउट हुए। न्यूज़ीलैंड की ओर से ज़ैकरी फ़ॉक्स और क्रिस्टियन क्लार्क ने तीन-तीन विकेट झटके, जबकि जेडेन लेनॉक्स को दो और काइल जेमीसन को एक सफलता मिली। सिरीज़ का पहला मैच वडोदरा में भारत ने चार विकेट से जीता था, जबकि दूसरा मैच राजकोट में न्यूज़ीलैंड ने सात विकेट से अपने नाम किया था। इंदौर की जीत के साथ न्यूज़ीलैंड ने सिरीज़ 1-1 से बराबर कर ली, जिससे दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा और रोमांच साफ़ दिखाई दिया।
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