बिलासपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
बिलासपुर में स्टेट जीएसटी की टीम ने तीन बड़े कोल कारोबारियों—महावीर कोल वाशरी, फिल कोल और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन—के ठिकानों पर छापेमारी की। टैक्स चोरी के मामले में अब तक कुल 27 करोड़ 61 लाख रुपये सरेंडर कराए गए हैं, जबकि दस्तावेजों की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।
जी.भूषण , रायपुर। स्टेट GST की टीम ने बिलासपुर में कोयला कारोबार से जुड़े तीन बड़े प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महावीर कोल वाशरी ग्रुप ने 10 करोड़ रुपये, फिल कोल ग्रुप ने 11 करोड़ रुपये और पारस कोल वाशरी ने 6.50 करोड़ रुपये GST के रूप में सरेंडर किए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह राशि जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर जमा कराई गई है और आगे भी टैक्स चोरी से जुड़े नए खुलासे होने की संभावना है।
टीम अभी भी कारोबारियों के कार्यालयों और परिसरों में लेन-देन, आय और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक कर देनदारी का आंकलन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि महावीर कोल वाशरी का नाम अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के ससुराल से जुड़े होने के कारण भी चर्चा में है, जिससे इस कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक रुचि और बढ़ गई है।
जांच में कंपनियों के निदेशकों और प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज भी देखे जा रहे हैं। महावीर कोल वाशरीज में विशाल कुमार जैन (डायरेक्टर), अरविंद कुमार जैन (डायरेक्टर), विकास कुमार जैन (CEO-KMP), रिचा पाहवा (कंपनी सेक्रेटरी) और विनोद कुमार जैन (होल-टाइम डायरेक्टर) शामिल हैं। वहीं PHIL COAL BENEFICATION PRIVATE LIMITED में ललित कुमार झा, प्रवीण चंद्र झा और प्रदीप चंद्र झा डायरेक्टर हैं, जबकि PARAS POWER AND COAL BENEFICATION LIMITED में राहुल शुक्ला, प्रशांत कुमार जैन, सतेंद्र कुमार जैन और संदीप कुमार जैन डायरेक्टर के रूप में दर्ज हैं। स्टेट जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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