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Sunday, March 22, 2026

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी तेज़—22 लाख MT से अधिक खरीद, 1.52 लाख क्विंटल अवैध धान जब्त…

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रायपुर /छत्तीसगढ़

हाइलाइट
राज्य में धान खरीदी 15 नवंबर से रफ्तार पकड़ चुकी है। अब तक 22 लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा की खरीदी और 5277 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को मिल चुका है। इसी बीच सरकार ने अवैध धान पर सख़्ती बढ़ाते हुए 1.52 लाख क्विंटल से अधिक धान जब्त किया है। निगरानी रियल-टाइम सिस्टम से हो रही है।

धान खरीदी 22 लाख MT के पार, कई जिलों ने लक्ष्य को छुआ

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अब तेज़ रफ्तार में पहुंच गई है। शुरुआत में सहकारी समितियों की हड़ताल से थोड़ी धीमी रही प्रक्रिया अब लगभग सभी जिलों में गति पकड़ चुकी है। मार्कफेड द्वारा जारी 1 नवंबर से 6 दिसंबर तक के आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को अब तक 5277 करोड़ रुपये का भुगतान सरकार द्वारा किया जा चुका है। खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “इस वर्ष खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो।” राज्य सरकार 31 जनवरी 2026 तक किसानों से धान खरीदी जारी रखेगी।

अवैध धान पर कड़ी कार्रवाई—1 लाख 51 हजार क्विंटल जब्त

धान खरीदी के साथ ही अवैध धान के परिवहन और भंडारण पर प्रशासन ने सख़्ती बढ़ा दी है। सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट बनाकर मार्कफेड और जिला प्रशासन की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। 1 नवंबर से 6 दिसंबर के बीच राज्यभर में 1,51,809 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। महासमुंद जिले में सबसे अधिक 25,718 क्विंटल धान पकड़ा गया, जबकि धमतरी (23,859 क्विंटल), रायगढ़ (21,331 क्विंटल) और राजनांदगांव (14,977 क्विंटल) जिलों में भी बड़ी मात्रा में अवैध धान मिला। पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी कर रहे हैं ताकि बाहर से आने वाली अवैध आवक को रोका जा सके।

तकनीक के सहारे रियल-टाइम मॉनिटरिंग, किसानों को सहज व्यवस्था

मार्कफेड राज्य में किसानों को पारदर्शी और सुरक्षित धान खरीदी प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर से रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। इस व्यवस्था से न केवल खरीदी केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, बल्कि अवैध धान परिवहन पर भी त्वरित एक्शन लिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, “हमारा लक्ष्य है कि किसानों को बिना किसी बाधा के उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य मिले और अवैध धान की आवाजाही पूरी तरह रुके।” मार्कफेड उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्रियाँ भी किसानों को उपलब्ध कराती है, जिससे यह संस्था उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनती है।

प्रमुख जिलों में जब्त अवैध धान

महासमुंद 25,718 क्विंटल, धमतरी 23,859 क्विंटल, रायगढ़ 21,331 क्विंटल, राजनांदगांव 14,977 क्विंटल, बलरामपुर 9,771 क्विंटल, बेमेतरा 6,490 क्विंटल, कवर्धा 5,734 क्विंटल, बालोद 4,595 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ 3,770 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 2,868 क्विंटल, जशपुर 2,771 क्विंटल, सूरजपुर 2,650 क्विंटल, दुर्ग 2,350 क्विंटल, जांजगीर-चांपा 2,014 क्विंटल, बलौदाबाजार 1,855 क्विंटल, बीजापुर 1,842 क्विंटल, रायपुर 1,679 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 1,583 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर 1,500 क्विंटल, बस्तर 1,560 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी 1,402 क्विंटल, गरियाबंद 1,393 क्विंटल, कोरबा 1,346 क्विंटल, सरगुजा 1,282 क्विंटल, कोरिया 1,237 क्विंटल, सक्ती 1,201 क्विंटल, कोण्डागांव 1,148 क्विंटल, बिलासपुर 1,060 क्विंटल, कांकेर 1,012 क्विंटल, मुंगेली 917 क्विंटल, दंतेवाड़ा 445 क्विंटल, नारायणपुर 323 क्विंटल, सुकमा 216 क्विंटल।

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