हाइलाइट बॉक्स:
छत्तीसगढ़ में मौसम तेजी से सर्द होता जा रहा है। उत्तर और मध्य क्षेत्रों में शनिवार को शीतलहर चलने की संभावना, कई शहरों में पारा सामान्य से 2–5 डिग्री नीचे। अंबिकापुर सबसे ठंडा—पारा 5 डिग्री से भी नीचे पहुँच गया।
प्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज, कई इलाकों में पारा सामान्य से नीचे
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और रात के तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य के जिलों में शनिवार को शीतलहर चलने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सुबह-शाम विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस कम हो गया है, जिसके चलते कड़ाके की ठंड बढ़ गई है और आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
अंबिकापुर में पारा 5 डिग्री से नीचे, पेंड्रा-रोड और माना में भी ठंड का असर
अंबिकापुर इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बन गया है, जहाँ न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में रात का पारा गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो सामान्य से लगभग 3.2 डिग्री नीचे है। माना एयरपोर्ट में भी तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार बिलासपुर, राजनांदगांव, जगदलपुर और अन्य जिलों में भी रात की ठंड और ठिठुरन बढ़ने लगी है। बिलासपुर के एक बुजुर्ग निवासी ने बताया—“हर रात पिछले दिन से ज्यादा ठंडी लग रही है, सुबह उठते ही हाथ-पैर सुन्न पड़ जाते हैं।
आम जनजीवन प्रभावित, लोग अलाव और गर्म कपड़ों पर बढ़ती निर्भरता
ठंड की तीव्रता बढ़ने से बाजारों में गर्म कपड़ों की खरीदारी बढ़ गई है, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रात में अलाव का सहारा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह-सुबह बाहर निकलने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, जिससे सर्दी का असर और तेज होगा।
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