भिलाई /छत्तीसगढ़
हाइलाइट सेल के विभिन्न संयंत्रों के एचआर प्रमुख 1–2 दिसम्बर 2025 को भिलाई में एक मंच पर आए , जहाँ मानव संसाधन सुधार , भविष्य की स्किल डेवेलपमेंट , डिजिटल एचआर , ठेका श्रमिक प्रबंधन और ‘सेल दर्पण’ परियोजना की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई । बैठक में लीन मैन्युफैक्चरिंग , वर्कफोर्स उत्पादकता और नए श्रम संहिताओं पर विशेषज्ञ सत्र भी आयोजित हुआ ।
रणनीतिक मानव संसाधन प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा भिलाई इस्पात संयंत्र में 1 से 2 दिसम्बर 2025 के बीच सेल के एकीकृत इस्पात संयंत्रों के मानव संसाधन प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक सम्पन्न हुई , जिसकी अध्यक्षता सेल के निदेशक कार्मिक श्री के. के. सिंह ने की और उद्घाटन सत्र निदेशक प्रभारी भिलाई इस्पात संयंत्र श्री चित्त रंजन महापात्र की उपस्थिति में हुआ । बैठक में सेल के कॉर्पोरेट कार्यालय , भिलाई , बोकारो , राउरकेला , दुर्गापुर और बर्नपुर इस्पात संयंत्रों के वरिष्ठ एचआर अधिकारियों ने भाग लिया । इनमे कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन निगमित कार्यालय श्री राजीव पांडे , मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन श्री हरिमोहन झा , कार्यपालक निदेशक बोकारो इस्पात संयंत्र सुश्री राजश्री बनर्जी , राउरकेला के श्री तरुण मिश्रा , दुर्गापुर की सुश्री सुष्मिता रॉय और इस्को इस्पात संयंत्र के श्री उमेंद्र पाल सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे । बैठक में सभी यूनिट्स ने संगठनात्मक प्राथमिकताओं , कार्यबल सेटअप और उभरती चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए । अधिकारियों के अनुसार , “यह मंच भविष्य में एचआर क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ ।
लीन प्रथाओं , वर्कफोर्स उत्पादकता और डिजिटल एचआर पर जोर दो दिवसीय बैठक में वर्तमान मानव संसाधन पहलों की समीक्षा करते हुए वर्कफोर्स उत्पादकता में वृद्धि , मैनपावर कॉस्ट के तार्किक प्रबंधन और ठेका श्रमिक प्रणाली में सुधार जैसे महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई । अधिकारियों ने लीन मैन्युफैक्चरिंग प्रथाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि संयंत्रों की दक्षता और उत्पादन क्षमता दोनों में सुधार हो सके । इसके साथ ही कर्मचारी संलग्नता Employee Engagement और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों Capacity Building को आधुनिक एचआर मानकों के अनुसार और प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ । बैठक में डिजिटल एचआर सेवाओं के विस्तार , ई-गवर्नेंस आधारित प्रक्रियाओं के उपयोग और टेक-एनएबल्ड मानव संसाधन तंत्र को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी । एक वरिष्ठ अधिकारी ने बैठक के दौरान कहा , “डिजिटल एचआर प्रक्रियाएँ आने वाले वर्षों में सेल के कार्य-संचालन को और तेज , पारदर्शी और कुशल बनाएंगी ।
भविष्य की कौशल आवश्यकताएँ और ‘सेल दर्पण’ परियोजना की समीक्षा बैठक का एक मुख्य फोकस भविष्य के लिए आवश्यक कौशल Future Skills विकसित करना रहा , जिसमें आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस , मशीन लर्निंग और ग्रीन स्टील तकनीकों के लिए संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया गया । कर्मचारी कल्याण , टाउनशिप सुविधाओं के आधुनिकीकरण और नॉन-कोर रियल एस्टेट के मोनेटाइजेशन को मानव संसाधन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण विषय माना गया । इस अवसर पर बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप BCG ने सेल की एचआर ट्रांसफॉर्मेशन परियोजना ‘सेल दर्पण’ पर प्रस्तुति दी , जिसमें प्रगति और आगामी रोडमैप साझा किया गया । क्षेत्रीय श्रम आयुक्त केंद्रीय श्री अंकुर ने नए श्रम संहिताओं पर तकनीकी सत्र आयोजित किया , जिसने एचआर अधिकारियों को विकसित होते कानूनी ढांचे की अद्यतन जानकारी प्रदान की । अंत में आयोजित ओपन-हाउस सत्र में सभी यूनिट्स ने आगामी मानव संसाधन रणनीतियों पर सामूहिक सहमति बनाते हुए भविष्य के लिए एक समेकित एचआर विज़न तय किया । इस पूरी बैठक का संचालन भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन श्री पवन कुमार के निर्देशन में हुआ , जिन्होंने सभी यूनिट्स की भागीदारी सुनिश्चित की ।
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