रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट : AIIMS रायपुर ने आईएसएकॉन 2025 में अपनी शैक्षणिक और क्लिनिकल उत्कृष्टता का शानदार प्रदर्शन किया । रीजनल एनेस्थीसिया , POCUS और सिमुलेशन आधारित प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाओं ने प्रतिभागियों को उन्नत कौशल , वास्तविक अनुभव और संकट प्रबंधन क्षमता पर केंद्रित श्रेष्ठ प्रशिक्षण प्रदान किया । राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने संस्थान की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया ।
उच्च-स्तरीय कार्यशालाओं ने बढ़ाया कौशल , देशभर के एनेस्थिसियोलॉजिस्ट्स ने सराहा AIIMS रायपुर का प्रयास इंडियन सोसायटी ऑफ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट्स आईएसएकॉन के राष्ट्रीय सम्मेलन में एआईआईएमएस रायपुर की भागीदारी अत्यंत प्रभावशाली रही , जहां संस्थान ने न केवल अपनी शैक्षणिक मजबूती बल्कि नैदानिक नेतृत्व और प्रशिक्षण उत्कृष्टता भी प्रदर्शित की । प्रो. डॉ. सुभ्रता कुमार सिंघा के नेतृत्व में आयोजित रीजनल एनेस्थीसिया बेसिक एवं एडवांस्ड , पेरिओपरेटिव POCUS तथा एनेस्थिसियोलॉजिस्ट्स के लिए सिमुलेशन जैसी विशेष कार्यशालाएँ प्रतिभागियों के लिए अत्यधिक उपयोगी साबित हुईं । कैडैवरिक प्रदर्शन से लेकर वास्तविक परिदृश्य-आधारित प्रशिक्षण तक , इन सत्रों ने मेडिकल प्रोफेशनल्स को उन्नत तकनीकों और व्यवहारिक दक्षता से सशक्त किया । प्रतिभागियों ने कार्यशालाओं की सुव्यवस्थित संरचना और क्लिनिकल फोकस की विशेष रूप से प्रशंसा की ।
कैडैवरिक प्रशिक्षण से लेकर संकट प्रबंधन तक—AIIMS रायपुर ने दिया सर्वोत्तम लर्निंग एक्सपीरियंस रीजनल एनेस्थीसिया कार्यशालाओं में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की सहभागिता ने इन्हें और अधिक ज्ञानसमृद्ध बनाया । विशेष तौर पर कैडैवरिक डेमोंस्ट्रेशन ने प्रतिभागियों को एनाटॉमिकल संरचनाओं की गहन समझ और प्रक्रियात्मक सटीकता का वास्तविक अनुभव प्रदान किया , जिसके लिए संस्थान ने एनाटॉमी विभाग और प्रो. डॉ. सौमित्रा त्रिवेदी का विशेष आभार व्यक्त किया । वहीं POCUS कार्यशाला में एयरवे , फेफड़ों , कार्डियक विंडो , गैस्ट्रिक मूल्यांकन और FAST परीक्षा की व्यावहारिक स्कैनिंग कराई गई । सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण में संकट प्रबंधन , संचार क्षमता और टीम समन्वय जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया , जिसे प्रतिभागियों ने अत्यंत लाभकारी बताया ।
राष्ट्रीय मंच पर चमके AIIMS रायपुर के विद्यार्थी , संस्थान ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव सम्मेलन में एआईआईएमएस रायपुर के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान हासिल कर संस्थान की प्रतिष्ठा और मजबूत की । गोल्डकॉन क्विज़ , KOPS अवॉर्ड्स और डिज़ीनर्व क्विज़ में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की गईं , वहीं कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने रिसर्च पेपर , पोस्टर और विशेषज्ञ प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी शैक्षणिक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया । एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल सेवानिवृत्त ने एनेस्थिसियोलॉजी विभाग को राष्ट्रीय प्रभाव वाली इन कार्यशालाओं के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए टीम की प्रतिबद्धता , समर्पण और उच्च गुणवत्ता की प्रशिक्षण क्षमता की सराहना की ।
ख़बरें और भी…


