नारायणपुर/ छत्तीसगढ़
नारायणपुर । एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकले जवानों ने आज एक बड़ी सफलता हासिल की । माओवादियों द्वारा जंगल के भीतर जमीन में दबाकर रखे गए तीन शक्तिशाली कुकर बमों को जवानों ने समय रहते खोज निकाला । नक्सलियों की योजना थी कि सर्चिंग के दौरान जवान इस मार्ग से गुजरें और आईईडी में जोरदार विस्फोट हो जाए , लेकिन सतर्कता के चलते यह साजिश विफल हो गई । बीडीएस टीम ने मौके पर ही तीनों बमों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया , जिससे एक बड़ी घटना टल गई । यदि यह धमाका होता तो आसपास मौजूद किसी भी जवान या व्यक्ति को भारी नुकसान पहुंच सकता था ।

जवानों को स्थानीय मुखबिर से इनपुट मिला था कि छोटे डोंगर थाना क्षेत्र के तोयामेटा और पदबेड़ा के जंगलों में आईईडी प्लांट किए गए हैं । सूचना की पुष्टि होने के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया । सर्चिंग के दौरान माड़ीन नदी किनारे पगडंडी पर जमीन में दबे तीन सोर्स आईईडी प्रेशर कुकर बम मिले , जिनका वजन करीब तीन-तीन किलो था । बम की स्थिति ऐसी थी कि उन्हें कहीं और ले जाना संभव नहीं था , इसलिए उन्हें मौके पर ही निष्क्रिय किया गया । इस अभियान में आईटीबीपी की 29वीं वाहिनी , नारायणपुर बीडीएस टीम , छोटे डोंगर थाना पुलिस और आईटीबीपी डॉग स्क्वॉड शामिल रहा ।
नारायणपुर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले के अति संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सर्च अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके । लगातार बढ़ती दबिश के कारण नक्सलियों में दहशत का माहौल है , इसी वजह से वे अपनी मौजूदगी दर्शाने ऐसे कृत्य करते हैं । पुलिस ने साफ किया कि जिले में ‘एंटी-आईईडी सर्च अभियान’ और ‘डोमिनेशन ऑपरेशन’ भविष्य में और अधिक मजबूती और आक्रामकता के साथ जारी रहेंगे । आईईडी लगाने वाले नक्सलियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है ।
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