नई दिल्ली
हाइलाइट: दिल्ली में आयोजित होने वाला यह समारोह भारत के महान संगीत साधक पद्मश्री घंटशाला वेंकटेश्वर राव जी की अमूल्य विरासत को नए रूप में स्मरण करेगा । देशभर से संगीतज्ञ , विद्वान और तेलुगु समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे ।
घंटशाला जी की संगीत विरासत को नमन नई दिल्ली में 4 दिसंबर 2025 को अदिलीला फाउंडेशन , नई दिल्ली और ऑल इंडिया घंटसाला चैतन्य वेदिका , विजयवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में पद्मश्री घंटशाला वेंकटेश्वर राव जी के 103वें जन्मदिवस पर एक भव्य स्मृति समारोह आयोजित किया जा रहा है । तेलुगु संगीत जगत के ‘गान गंधर्व’ माने जाने वाले घंटशाला जी ने शास्त्रीय संगीत , भक्ति , देशभक्ति , लोक और फिल्म संगीत सहित अनेक विधाओं में अमिट योगदान दिया । 10000 से अधिक गीतों का उनका संगीत संयोजन और प्रसिद्ध ‘भगवद गीता’ की उनकी रिकॉर्डिंग आज भी तिरुमाला मंदिर की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है ।
विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि होंगे सम्मिलित इस समारोह में छत्तीसगढ़ तेलुगु महा संघम और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे । प्रमुख अतिथियों में संघम के सचिव श्री A.K. श्रीनिवास मूर्ति , महिला विंग प्रभारी श्रीमती A. श्रीदेवी , ऑल इंडिया घंटसाला चैतन्य वेदिका रायपुर के सचिव श्री T.P. सारथी तथा आंध्र ब्राह्मण समाजम रायपुर की सदस्य एवं गायिका श्रीमती शशिकला सारथी मौजूद रहेंगे । आयोजकों के अनुसार , देश के कई शहरों से संगीत प्रेमी और विद्वान इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा समारोह आयोजन में घंटशाला जी की अमर गायिकी पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ , स्मृति व्याख्यान , विशेष उद्बोधन , और उनके जीवन-वृत्त पर केंद्रित प्रस्तुति शामिल होगी । कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को घंटशाला जी की साधना , समर्पण और कला की महत्ता से परिचित कराना है । आयोजकों ने बताया कि यह समारोह भारतीय संगीत के इस युगपुरुष को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक गौरवपूर्ण अवसर होगा , जहाँ उनकी धरोहर को भावपूर्ण तरीके से याद किया जाएगा ।
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