स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा घर-घर सत्यापन अभियान । 30 हजार अधिकारी करेंगे डिजिटल फॉर्म भरने का कार्य । 95 परसेंट मतदाता डेटा पहले से सत्यापित , केवल नए और संशोधित प्रविष्टियों के लिए दस्तावेज जरूरी । 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची । छत्तीसगढ़ में डिजिटल और पारदर्शी मतदाता सत्यापन की शुरुआत रायपुर । छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण Special Intensive Revision – SIR की प्रक्रिया आरंभ हो गई है । इस बार राज्य में यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल , पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त ढंग से की जा रही है । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने बताया कि प्रदेश में कुल 2 करोड़ 80 लाख से अधिक मतदाताओं का विवरण घर-घर जाकर सत्यापित किया जाएगा । इसके लिए राज्यभर में करीब 30 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है ।
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा सत्यापन अभियान इस अभियान के अंतर्गत बूथ स्तर अधिकारी BLO प्रत्येक घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे और गणना प्रपत्र फॉर्म भरवाएंगे । इस फॉर्म में मतदाता की व्यक्तिगत जानकारी , पात्रता और पते की पुष्टि की जाएगी । यह फॉर्म अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डिजिटलीकृत किया गया है , जिससे त्रुटियों और फर्जी प्रविष्टियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके ।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार , सत्यापन प्रक्रिया में मतदाताओं को सामान्यतः दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी , क्योंकि 95 प्रतिशत मतदाता डेटा पहले से प्रमाणित है । केवल नए मतदाताओं , स्थानांतरण , या जानकारी में परिवर्तन करने वालों को ही आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे ।
इन दस्तावेजों से होगा सत्यापन चुनाव आयोग ने मतदाता सत्यापन के लिए कुछ प्रमाणित दस्तावेजों की सूची भी जारी की है । इनमें शामिल हैं— पासपोर्ट या जन्म प्रमाणपत्र मेट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाणपत्र स्थायी निवास प्रमाणपत्र सरकारी विभागों से जारी पहचान पत्र पेंशन भुगतान आदेश जाति प्रमाणपत्र भूमि या मकान आवंटन दस्तावेज परिवार रजिस्टर वन अधिकार प्रमाणपत्र
मतदाता सूची प्रकाशन की समयरेखा आयोग के अनुसार , 9 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा । इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे । सभी आवेदनों की जांच और सुनवाई 31 जनवरी तक पूरी कर ली जाएगी । अंततः 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी ।
डिजिटल सत्यापन से पारदर्शिता और विश्वास में वृद्धि चुनाव आयोग का यह कदम मतदाता सूची को त्रुटिरहित , पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है । विशेषज्ञों के अनुसार , इस प्रक्रिया से डुप्लीकेट और निष्क्रिय मतदाताओं की पहचान में मदद मिलेगी तथा भविष्य के चुनावों में मतदाता भागीदारी और विश्वास दोनों बढ़ेंगे ।


