जी.भूषण
रायपुर: 18 सितम्बर 2025– छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाला केस में कार्रवाई तेज हो गई है। जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) लगातार पूछताछ और गिरफ्तारी कर रहा है, वहीं अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भी अपनी सख्ती बढ़ा दी है। गुरुवार को इन एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास को गिरफ्तार किया। निरंजन दास रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं और कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त के पद पर तैनात रहे थे।
EOW और ACB द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निरंजन दास की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1986 संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और 12 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-B के तहत की गई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि आबकारी आयुक्त रहते हुए उन्होंने विभाग में सक्रिय सिंडिकेट को संरक्षण दिया और अनकाउंटेंड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर में लेन-देन, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी, दोषपूर्ण शराब नीति लागू कराने सहित कई स्तरों पर सहयोग किया। इसके बदले उन्होंने करोड़ों रुपये का अनुचित लाभ प्राप्त किया।
घोटाले का सिंडिकेट: पूर्व IAS और कारोबारियों के साथ मिलीभगत
EOW की जांच में सामने आया है कि निरंजन दास ने पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, तत्कालीन विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर और अन्य लोगों के साथ मिलकर राज्य में शराब घोटाले का बड़ा सिंडिकेट खड़ा किया। इस सिंडिकेट के जरिए
- सरकारी शराब दुकानों से कमीशन तय करना,
- डिस्टिलरी से अतिरिक्त शराब बनवाना,
- विदेशी ब्रांड की अवैध सप्लाई कराना,
- डुप्लीकेट होलोग्राम के जरिए शराब की बिक्री करना
जैसी गतिविधियाँ संचालित की गईं। एजेंसियों का दावा है कि इन गड़बड़ियों से राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इस मामले में कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। लखमा फिलहाल जेल में बंद हैं और एजेंसियां उनसे जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। वहीं कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जांच एजेंसियां पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेताओं को जानबूझकर फंसा रही हैं।
कांग्रेस पार्टी लगातार इस घोटाले की जांच को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोल रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बेवजह फंसाया जा रहा है। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेश में आर्थिक नाकेबंदी तक की थी। कांग्रेस का यह भी कहना है कि भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और विपक्षी दलों को बदनाम किया जा रहा है।
फिलहाल निरंजन दास को न्यायालय में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। EOW और ACB का कहना है कि शराब घोटाले में और भी बड़े खुलासे संभव हैं और आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों और नेताओं पर भी शिकंजा कस सकता है।यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन दोनों में बड़ी हलचल मचा रहा है और आने वाले दिनों में इसके और गंभीर राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।
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