बिलासपुर(02 सितम्बर 2025)
बिलासपुर रेलवे कोचिंग डिपो में कार्य के दौरान हाईटेंशन वायर की चपेट में आने से ठेका श्रमिक प्रताप बर्मन की मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिजन और साथी कर्मचारियों ने मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर डीआरएम ऑफिस के बाहर लगातार धरना-प्रदर्शन किया। वहीं, मृतक की पत्नी ने भी आर्थिक सहायता की गुहार लगाई, क्योंकि प्रताप ही परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृतक के परिजनों को छह हफ्तों के भीतर पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। कोर्ट को रेलवे की ओर से बताया गया कि परिवार को पहले ही 16 लाख 40 हजार रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है, फिर भी ठेकेदार को अतिरिक्त पांच लाख देने का निर्देश दिया गया।
उधर, परिजन और समाज के लोग एक करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े हैं। शव पिछले कई दिनों से मॉर्च्यूरी में रखा हुआ है और धरना-प्रदर्शन जारी है। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद न तो ठेकेदार और न ही रेलवे प्रशासन ने इलाज में सहयोग किया, जिससे मजदूर की जान नहीं बचाई जा सकी। अदालत के आदेश के बाद अब परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
वेबसाईट- www.swatantrachhattisgarh.com व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक: https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG फेसबुक से जुड़ने के लिए लिंक: https://www.facebook.com/profile.php?id=61566212073238 यूट्यूब से जुड़ने के लिए लिंक : https://www.youtube.com/@swatantrachhattisgarh whatsapp चैनल से जुड़ने के लिए लिंक :https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q ट्विटर से जुड़ने के लिए लिंक: https://x.com/c35509


