रायपुर। प्रदेश की नई मंत्री परिषद की सूची अब तक फाइनल नहीं हो सकी है। सूत्रों का कहना है कि लास्ट मिनट पर नाम बदलने की पूरी संभावना बनी हुई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, बस्तर संभाग से आए 2 दावेदारों में से कम से कम 1 नाम आखिरी सूची में शामिल हो सकता है। दरअसल, यदि सभी मंत्री केवल मैदानी इलाकों से चुने जाते हैं तो बस्तर जैसा बड़ा और संवेदनशील क्षेत्र, जिसने इस बार भाजपा को ऐतिहासिक समर्थन दिया, वह मंत्री मंडल में अछूता रह जाएगा।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि भाजपा के लिए यह रणनीतिक फैसला बेहद अहम होगा, क्योंकि बस्तर की अनदेखी संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से जोखिमभरी साबित हो सकती है। ऐसे में अब सबकी निगाहें अंतिम सूची पर टिकी हुई हैं कि कौन बनेगा मंत्री और कौन बाहर रह जाएगा खेल से।
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