रायपुर:09 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब नया खुलासा हुआ है। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) की जांच में सामने आया है कि 11 आबकारी अफसरों ने 88 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध कमाई की। इस पैसे को उन्होंने प्रॉपर्टी और कारोबार में निवेश किया।
ईओडब्ल्यू ने अपनी चार्जशीट में बताया कि शराब पर अवैध कमीशन और टैक्स चोरी के जरिए यह घोटाला फरवरी 2019 से शुरू हुआ, जिसमें 60 लाख से ज्यादा पेटियां बिना रिकॉर्ड बेची गईं। शराब दुकानों को डुप्लीकेट होलोग्राम वाली बोतलें बिना शुल्क के दी गईं और रिकॉर्ड में चढ़ाने से मना किया गया।
बड़े अफसरों की मोटी कमाई:
- नोहर सिंह ठाकुर को 11.06 करोड़ मिले
- नवीन प्रताप तोमर को 6.70 करोड़
- नीतू नोतानी को 7.78 करोड़
- अरविंद पटेल को 7.44 करोड़
- मंजुश्री कसेर ने सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदी
अब तक की जांच में शामिल:
ईओडब्ल्यू ने करीब 200 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें कारोबारी, अधिकारी, एजेंट और हवाला कारोबारी शामिल हैं।
मुख्य आरोपी:
ईडी की जांच में इस घोटाले के पीछे IAS अनिल टुटेजा, आबकारी निगम के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी, और कारोबारी अनवर ढेबर का नाम सामने आया है। ईडी ने इस मामले में एसीबी में एफआईआर दर्ज कराई है। यह घोटाला छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है और इसकी जांच अब भी जारी है।
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