स्वतंत्र छत्तीसगढ़
बेमेतरा में तालाब किनारे पेड़ के नीचे मिले दो मजदूरों के शव, बालोद में खेत में काम कर रही महिला की गई जान,कांकेर में पेड़ के नीचे बैठे किसान पर गिरी बिजली; रायपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम के बदले मिजाज के बीच अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं झुलस गईं। बालोद, कांकेर और बेमेतरा में हुए हादसों के बाद प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। वहीं राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई।
बालोद में खेत में काम कर रही महिला की मौत
बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के पथराटोला गांव में खेत में काम करने के दौरान बिजली गिरने से अनुसुइया बाई की मौत हो गई। हादसे के समय उनके साथ मौजूद दो अन्य महिलाएं भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर झुलस गईं। दोनों का उपचार जारी है। अचानक मौसम बदलने और खेत में बिजली गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
कांकेर में पेड़ के नीचे बैठे किसान पर गिरी बिजली
कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम गुड़फेल में भी आकाशीय बिजली ने एक किसान की जान ले ली। 52 वर्षीय रामसिंह मंडावी खेत में काम करने गए थे। शाम करीब चार बजे अचानक मौसम बदला और तेज गरज के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वे खेत में लगे जामुन के पेड़ के नीचे बैठ गए। इसी दौरान पेड़ के पास बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई।
बेमेतरा में दो मजदूरों की मौत
बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र में सुरहोली-कुसमी मार्ग पर तालाब के पास आकाशीय बिजली गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मनोज राजवंशी और जगदीश राजवंशी के रूप में हुई है। दोनों सुरहोली में टावर लगाने का काम कर रहे थे। बताया गया कि दोपहर करीब एक बजे दोनों मोटरसाइकिल से नाश्ता लेने कुसमी की ओर निकले थे। इसी दौरान तेज बारिश और बिजली गिरने की घटना हुई। दोनों के शव तालाब के पास बरगद के पेड़ के नीचे मिले।
रायपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश और अंधड़ की संभावना
राजधानी रायपुर में भी बुधवार को दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ रही है, जिसके कारण बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। राजनांदगांव, बालोद, बीजापुर, सुकमा और कांकेर में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बताई गई है।
24 सितंबर से सिस्टम का असर बढ़ने की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर की सुबह बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट से टकरा सकता है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इस मौसम प्रणाली का असर 23 से 26 सितंबर तक रहने की संभावना है। विशेषकर दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ अंधड़ और आकाशीय बिजली का खतरा बना रह सकता है।
खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति में सुरक्षित पक्के स्थान पर रहना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
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