स्वतंत्र छत्तीसगढ़
आनंद कुमार गुप्ता
जशपुर। जिला अस्पताल में शराब के नशे में मरीजों की ड्रेसिंग किए जाने के मामले में स्वतंत्र छत्तीसगढ़ की खबर का असर देखने को मिला है। खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और मामले को गंभीरता से लेते हुए CMHO डॉ. जी.एस. जत्रा ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था से जुड़े इस गंभीर मामले ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
CMHO डॉ. जी.एस. जत्रा के अनुसार, मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जांच और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर एक वार्ड बॉय तथा जीवनदीप समिति के एक कर्मचारी की भूमिका सामने आई है। जीवनदीप समिति के कर्मचारी को सेवा से हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मरीजों के इलाज और ड्रेसिंग जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
CMHO ने इस बात को भी स्वीकार किया कि मरीजों की ड्रेसिंग डॉक्टर और स्टाफ नर्स की उचित निगरानी में होनी चाहिए थी। लेकिन इस मामले में आवश्यक निगरानी और जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित डॉक्टर को भी शोकॉज नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग अब यह जानने की कोशिश कर रहा है कि ड्यूटी के दौरान निगरानी व्यवस्था में चूक कैसे हुई और मरीजों के उपचार से जुड़ी प्रक्रिया में ऐसी गंभीर स्थिति बनने तक जिम्मेदार अधिकारी क्यों नहीं पहुंचे।
CMHO डॉ. जी.एस. जत्रा ने बताया कि सिविल सर्जन को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने, ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और मरीजों के उपचार से जुड़ी प्रक्रियाओं की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। अस्पताल प्रबंधन को जवाबदेही तय करने और मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए भी कहा गया है।
कुल मिलाकर, शराब के नशे में मरीजों की ड्रेसिंग किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई ने अस्पताल प्रशासन में हलचल पैदा कर दी है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ द्वारा मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। एक कर्मचारी को हटाने, दूसरे के निलंबन और संबंधित डॉक्टर को नोटिस देने की कार्रवाई से साफ है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। अब देखना होगा कि कार्रवाई केवल शुरुआती स्तर तक सीमित रहती है या फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार कर भविष्य में ऐसी लापरवाही को पूरी तरह रोका जाता है।
ऐसे ही बेबाक और असरदार ख़बरों के लिए बने रहें स्वतंत्र छत्तीसगढ़ के साथ …


